हरियाणा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सर्दियों के मौसम से पहले बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। यदि आपकी गाड़ी का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट एक्सपायर हो चुका है या खत्म होने वाला है, तो आने वाले दिनों में आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राज्य सरकार 1 अक्टूबर से अपने सभी एनसीआर जिलों में 'नो पीयूसी, नो फ्यूल' नीति पूरी तरह से लागू करने जा रही है। 1 अक्टूबर के बाद बिना वैध पीयूसी दिखाए किसी भी वाहन को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दिया जाएगा।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के बाद उठाए जा रहे इस कदम का मुख्य मकसद चालान काटकर लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि सड़कों पर दौड़ रहे प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान कर लोगों को समय पर पीयूसी रिन्यू कराने के लिए प्रेरित करना है।
1 अक्टूबर से लागू होगी व्यवस्था, कमर्शियल वाहनों पर भी नियम समान
हरियाणा सरकार के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, 1 अक्टूबर से एनसीआर में शामिल जिलों के सभी पेट्रोल पंपों पर बिना अपडेटेड पीयूसी के ईंधन बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। यह नियम निजी कार, बाइक, सीएनजी वाहनों और सभी प्रकार के कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों पर एक समान रूप से प्रभावी होगा।
प्रशासन का कहना है कि अक्सर लोग लापरवाही में पीयूसी बनवाना भूल जाते हैं। अब सीधी ईंधन आपूर्ति को ही पीयूसी से जोड़ दिया जाएगा। यदि प्रमाण-पत्र मान्य नहीं होगा, तो आपातकालीन स्थिति में भी वाहन को एक लीटर ईंधन नहीं मिल सकेगा।
पेट्रोल पंपों पर लगेंगे हाई-टेक ANPR कैमरे, मानवीय हस्तक्षेप होगा शून्य
नियम को बिना किसी मानवीय पक्षपात या बाईपास के पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए सरकार उच्च तकनीक का सहारा ले रही है। 30 सितंबर तक हरियाणा NCR के अंतर्गत आने वाले सभी 2,780 पेट्रोल पंपों पर 'ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन' (ANPR) कैमरे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पहला चरण (अगस्त): फरीदाबाद, झज्जर, गुरुग्राम और सोनीपत के 775 पेट्रोल पंपों पर कैमरे लगाने की शुरुआत की जाएगी।
दूसरा चरण (सितंबर): शेष सभी बचे हुए आउटलेट्स को इस तकनीक से कवर कर लिया जाएगा।
कैसे काम करेगा एएनपीआर (ANPR) सिस्टम?
ऑटोमैटिक स्कैनिंग: जैसे ही कोई वाहन पेट्रोल पंप के परिसर में प्रवेश करेगा, एएनपीआर कैमरा स्वचालित रूप से उसकी नंबर प्लेट को पढ़ लेगा।
केंद्रीय डेटाबेस से लिंकिंग: यह सिस्टम सीधे केंद्र सरकार के राष्ट्रीय 'वाहन' (VAHAN) डेटाबेस से जुड़ा रहेगा।
तत्काल सत्यापन: Scanning की प्रक्रिया कुछ ही सेकंड में पूरी हो जाएगी।
ऑटो-ब्लॉक तकनीक: यदि सिस्टम में वाहन का पीयूसी वैध (Valid) दिखेगा, तभी नोजल से ईंधन की सप्लाई शुरू होगी। यदि पीयूसी एक्सपायर मिला, तो सिस्टम नोजल से ईंधन प्रवाह को स्वतः ब्लॉक कर देगा।
10 हजार का जुर्माना और ईंधन न मिलने का दोहरा संकट; तुरंत कराएं रिन्यू
उल्लेखनीय है कि मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत बिना वैध पीयूसी के वाहन चलाने पर पहले से ही 10,000 रुपये तक के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान है। अब 1 अक्टूबर से जुर्माना भरने के साथ-साथ ईंधन न मिलने का दोहरा संकट भी खड़ा हो जाएगा।
दिल्ली में यह नियम पहले से ही प्रभावशील है, जबकि उत्तर प्रदेश और राजस्थान भी अपने-अपने एनसीआर क्षेत्रों में इसे लागू करने की प्रक्रिया में हैं। अतः एनसीआर क्षेत्र में वाहन चलाने वाले नागरिकों को किसी भी असुविधा से बचने के लिए निकटतम प्रदूषण जांच केंद्र से समय रहते अपनी गाड़ी का पीयूसी सर्टिफिकेट रिन्यू कराने की सलाह दी गई है।




