दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव ने प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियों को बढ़ा दिया है। यह चुनाव भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए साख का सवाल बन चुका है, जिसके चलते उम्मीदवारों के चयन को लेकर गहन मंथन किया गया है। अब दोनों ही खेमों से प्रत्याशियों के नामों का औपचारिक ऐलान होना मात्र एक औपचारिकता रह गया है, जिसकी घोषणा बुधवार को किसी भी समय होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। चुनावी तारीखों के नजदीक आते ही दोनों दलों के कार्यकर्ताओं और नेताओं की धड़कनें तेज हो गई हैं।
भाजपा से नरोत्तम मिश्रा का सिंगल नाम तय, केंद्रीय नेतृत्व की मुहर बाकी
भारतीय जनता पार्टी के खेमे से आ रही खबरों के मुताबिक, दतिया सीट के लिए पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम पूरी तरह तय माना जा रहा है। प्रदेश सत्ता और संगठन के शीर्ष नेताओं के बीच लंबी चर्चा के बाद केंद्रीय नेतृत्व को केवल नरोत्तम मिश्रा का ही इकलौता (सिंगल) नाम भेजा गया है। सूत्रों का दावा है कि दिल्ली दरबार से भी इस नाम पर हरी झंडी मिल चुकी है और अब केवल आधिकारिक सूची जारी होना बाकी है। क्षेत्र में नरोत्तम मिश्रा की लगातार बढ़ती सक्रियता और उनका जनसंपर्क भी इस बात की ओर साफ इशारा कर रहा है कि वे अपनी उम्मीदवारी को लेकर पहले से ही पूरी तरह आश्वस्त हैं।
कांग्रेस खेलेगी सहानुभूति का कार्ड, राजेंद्र भारती के परिवार पर दांव लगाने की तैयारी
दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी दतिया में भाजपा को कड़ी टक्कर देने के लिए अपनी विशेष रणनीति तैयार कर चुकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस इस उपचुनाव में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता जाने के बाद पैदा हुई परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहती है और क्षेत्र में एक मजबूत सहानुभूति की लहर खड़ी करने का प्रयास कर रही है। यही वजह है कि राजेंद्र भारती के परिवार से ही किसी सदस्य को मैदान में उतारने पर सहमति बनती दिख रही है। पैनल में राजेंद्र भारती की पत्नी शोभा भारती का नाम सबसे आगे चल रहा है, जिसके चलते इस बात की पूरी उम्मीद है कि इस बार नरोत्तम मिश्रा का सीधा मुकाबला भारती के परिजनों से ही होगा।
अवधेश नायक और घनश्याम सिंह भी रेस में, अंतिम फैसले के लिए दिल्ली पर नजर
राजेंद्र भारती के परिवार के अलावा कांग्रेस के कुछ अन्य वरिष्ठ नेता भी इस टिकट के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। इनमें प्रमुख नाम अवधेश नायक का है, जिन्हें साल 2023 के मुख्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहले अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन बाद में स्थानीय विरोध के चलते उनका टिकट काटकर राजेंद्र भारती को दे दिया गया था। अवधेश नायक के साथ-साथ दतिया सीट से पहले भी विधायक रह चुके अनुभवी नेता घनश्याम सिंह भी टिकट की कतार में मजबूती से खड़े हैं। कांग्रेस आलाकमान ने इन तीनों ही प्रमुख नामों को अपने अंतिम पैनल में शामिल किया है, जिस पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
जुलाई में थमेगा प्रचार और 3 अगस्त को आएंगे दतिया उपचुनाव के नतीजे
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के तहत दतिया उपचुनाव की प्रशासनिक तैयारियां भी तेज हो गई हैं। चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, उम्मीदवारों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई 2026 (सोमवार) तय की गई है, जिसके अगले दिन 14 जुलाई 2026 (मंगलवार) को जमा किए गए सभी नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी यानी जांच की जाएगी। जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 16 जुलाई 2026 (गुरुवार) तक ऐसा कर सकेंगे। इसके बाद 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को विधानसभा क्षेत्र में मतदान कराया जाएगा और 3 अगस्त 2026 (सोमवार) को मतों की गणना के साथ ही दतिया के नए विधायक का फैसला हो जाएगा। समूची चुनावी प्रक्रिया को 4 अगस्त 2026 तक पूरी तरह संपन्न करा लिया जाएगा।


