पन्ना/अजयगढ़ , मोहम्मद मुस्तकीम। अजयगढ़ विकासखंड के जन शिक्षा केंद्र खोरा अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला कारी पुरवा में अध्ययनरत बच्चों को प्रतिदिन अपनी जान जोखिम में डालकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। स्कूल तक पहुंचने के लिए न तो सुरक्षित सड़क उपलब्ध है और न ही पुल, जिसके चलते विद्यार्थियों को नाला पार कर स्कूल जाना पड़ता है। बारिश के मौसम में नाले का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है, जिससे बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों की भी चिंता बढ़ गई है।


ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से गांव तक सड़क और नाले पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। वर्तमान में बच्चों को कीचड़ और दलदल से भरे रास्तों से गुजरकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है, जिससे हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है। कई बार बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल पहुंचने और वापस लौटने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।


विद्यालय के शिक्षकों ने भी स्वीकार किया कि स्कूल तक पहुंचने का रास्ता सुरक्षित नहीं है और बरसात के दिनों में विद्यार्थियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द से जल्द उचित व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता बताई।


मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत ने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए समस्या के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।


अब क्षेत्र के ग्रामीणों और अभिभावकों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द ही सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी, ताकि नौनिहालों को अपनी जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण न करनी पड़े।