भोपाल। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10-11 मई को कूनो नेशनल पार्क के भ्रमण पर रहेंगे। इस दौरान वे बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को उनके बाड़े से वन क्षेत्र में मुक्त करेंगे। इसके साथ ही मध्यप्रदेश ने एक बार फिर साबित किया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संरक्षण के प्रति संवेदनशील नेतृत्व के साथ वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा दी जा सकती है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उन्होंने संरक्षण को केवल पर्यावरण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सांस्कृतिक विरासत, जैव विविधता, पर्यटन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जोड़ा।
प्रदेश सरकार ने रातापानी टाइगर रिजर्व को प्रदेश का नया और देश का 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया। वर्ष 2008 से लंबित इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में मंजूरी मिली। इस टाइगर रिजर्व का नामकरण प्रसिद्ध पुरातत्वविद् विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम पर किया गया। इसकी खास बात यह है कि यह देश का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व है, जो किसी राज्य की राजधानी के सबसे करीब स्थित है। इससे संरक्षण और इको-टूरिज्म दोनों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं मार्च 2025 में माधव टाइगर रिजर्व को प्रदेश का 9वां टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। यहां मानव और वन्यजीव संघर्ष कम करने के उद्देश्य से 13 किलोमीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जा रहा है। विशेषज्ञ इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

