भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आगामी 24 घंटों में 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन समेत प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
हाल ही में मैहर जिले के भदनपुर में सड़क पार करते समय पहली कक्षा का छात्र ऋषभ साकेत (5 वर्ष) तेज बारिश के बहाव में बहने लगा था, जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए सकुशल बचा लिया।
बारिश के आंकड़े और वर्तमान स्थिति
औसत बारिश: 24 जून को मानसून के आगमन से लेकर अब तक प्रदेश में औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य (14.1 इंच) से लगभग 10 प्रतिशत कम है।
घाटे में आई कमी: पिछले तीन दिनों में लगातार बारिश के चलते बारिश की कमी घटी है। 20 जुलाई तक जहां बारिश सामान्य से 17% कम थी, वहीं अब यह घटकर 10% पर आ गई है। (पूर्वी मध्य प्रदेश में 13% और पश्चिमी हिस्से में 6% कम बारिश दर्ज की गई है)।
जिलेवार स्थिति: प्रदेश के 14 जिलों में औसत से ज्यादा पानी गिरा है (जिनमें देवास, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, भिंड आदि शामिल हैं), जबकि 41 जिलों में बारिश का आंकड़ा माइनस में है।
सर्वाधिक व सबसे कम बारिश: प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश देवास (18.5 इंच - सामान्य से 49% अधिक) में दर्ज की गई है। इसके बाद बालाघाट में 18 इंच और भोपाल में 16.4 इंच पानी गिरा है। वहीं आलीराजपुर में सबसे कम (ढाई इंच) बारिश दर्ज की गई है।
जुलाई महीने में MP के 5 बड़े शहरों का ऐतिहासिक ट्रेंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई महीने में मध्य प्रदेश की कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत कोटा पूरा होता है। प्रदेश के प्रमुख शहरों में जुलाई का ऐतिहासिक बारिश रिकॉर्ड इस प्रकार है:
इंदौर:
औसत बारिश: 12 इंच (औसतन 13 दिन बारिश)।
रिकॉर्ड: 27 जुलाई 1913 को 24 घंटे में सर्वाधिक 11.5 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 1973 में पूरे महीने में 30.5 इंच पानी गिरा था।
भोपाल:
औसत बारिश: 14.4 इंच (367.7 मिमी, औसतन 15 दिन बारिश)।
रिकॉर्ड: जुलाई 1986 में पूरे महीने का सर्वाधिक 41 इंच (1031.4 मिमी) बारिश का रिकॉर्ड है। वहीं 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच पानी बरसा था।
जबलपुर:
औसत बारिश: 17 इंच (बड़े शहरों में सबसे ज्यादा, औसतन 15-16 दिन बारिश)।
रिकॉर्ड: वर्ष 1930 में पूरे महीने में रिकॉर्ड 45 इंच बारिश हुई थी। 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे में 13.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
ग्वालियर:
औसत बारिश: 9 इंच के करीब (औसतन 11 दिन बारिश)।
रिकॉर्ड: वर्ष 1935 में जुलाई महीने में सर्वाधिक 24.5 इंच (623.3 मिमी) पानी गिरा था। 12 जुलाई 2015 को 24 घंटे में साढ़े 7 इंच बारिश दर्ज हुई थी।
उज्जैन:
प्रदेश के अन्य शहरों की तरह उज्जैन में भी जुलाई के दौरान जमकर बारिश होती है और कुल मानसूनी कोटे की लगभग 40% बारिश इसी महीने में पूरी हो जाती है।




