छतरपुर, विनोद मिश्रा/संजय अवस्थी। शहर के किशोर सागर तालाब में हाल ही में हुई मिट्टी पुराई को लेकर स्थानीय विधायक ललिता यादव ने मंगलवार को तालाब का निरीक्षण किया और मामले पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पालिका एवं राजस्व विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहे।


विधायक ललिता यादव ने बताया कि उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से तालाब में मिट्टी डाले जाने की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने पर मिट्टी पुराई की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि किशोर सागर तालाब का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, ऐसे में वहां किसी भी प्रकार का निर्माण या अन्य कार्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिसने भी तालाब की पुराई कराई है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


विधायक ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में नगर पालिका अधिकारियों से चर्चा की थी। नगर पालिका की ओर से बताया गया कि तालाब किनारे वृक्षारोपण के लिए कार्य किया जाना था। लेकिन जब मामला न्यायालय में लंबित है तो किसी भी प्रकार का कार्य नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर तालाब की पुराई किसने कराई। विधायक ने कहा कि अतिक्रमण करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो। साथ ही उन्होंने कहा कि तालाब में डाली गई मिट्टी को हटाकर उसे पूर्व स्थिति में लाया जाएगा।


इस मामले में ठेकेदार रामनरेश शुक्ला ने बताया कि नगर पालिका द्वारा करीब चार लाख रुपये की लागत से ग्रीन बेल्ट क्षेत्र को छोड़कर खंभे लगाने का कार्य सौंपा गया था। उनका कहना है कि तालाब का सीमांकन पहले ही हो चुका है और उसी के अनुसार कार्य किया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि जेसीबी मशीन शहनाई गार्डन संचालक अजय लाल द्वारा चलवाई गई और मिट्टी पुराई भी उन्हीं के निर्देश पर की गई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विधायक के निर्देशानुसार तालाब में डाली गई मिट्टी को हटाया जाएगा।


वहीं, शहनाई गार्डन संचालक अजय लाल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 दिनों से नगर पालिका द्वारा तालाब क्षेत्र में तार फेंसिंग का कार्य कराया जा रहा है। कुछ स्थानों पर खंभे लगाने के बाद काम रोक दिया गया था। अजय लाल ने कहा कि उन्होंने न तो कोई जेसीबी मशीन चलवाई और न ही तालाब की पुराई कराई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में एनजीटी के आदेश के तहत तालाब के मूल रकबे पर पिलर लगाकर तार फेंसिंग किए जाने के निर्देश दिए गए थे। उनके अनुसार तालाब क्षेत्र में छह लोगों के नाम दर्ज हैं तथा ग्रीन बेल्ट के नौ मीटर दायरे में नौ लोगों के अवैध कब्जे पाए गए हैं। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जांच और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विधायक के हस्तक्षेप के बाद अब दोषियों की पहचान और तालाब की मूल स्थिति बहाल करने की दिशा में कार्रवाई होने की संभावना है।