डिंडौरी, भोपाल। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार बारिश से क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 24 घंटों के दौरान टीकमगढ़, पन्ना और नरसिंहपुर जिलों में 'अति भारी बारिश' का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 24 घंटे के भीतर 4 से 8 इंच (100 से 200 मिमी) तक पानी गिरने का अनुमान है।


झारखंड के डिप्रेशन से विंध्य-महाकौशल तरबतर, 20 अगस्त से पश्चिमी MP में फैलाव

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, 18 अगस्त को झारखंड के ऊपर सक्रिय हुए गहरे अवदाब (डिप्रेशन) ने पूर्वी मध्य प्रदेश को बारिश का मुख्य केंद्र बना दिया है। इसके असर से 19 अगस्त को विंध्य, बुंदेलखंड और महाकौशल अंचल में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हो रही है। मौसम प्रणाली धीरे-धीरे आगे बढ़ेगी और 20 से 24 अगस्त के दौरान इसका असर मध्य व पश्चिमी मध्य प्रदेश (भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल) में देखने को मिलेगा। इस दौर की मानसूनी बारिश से प्रदेश में बारिश के कोटे की कमी पूरी होने की संभावना है।


प्रदेश में अब तक 22.6 इंच बारिश, सामान्य से 12% का बैकलाग

मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक कुल 573.1 मिमी (22.6 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो इस अवधि की सामान्य बारिश 25.6 इंच (651.4 मिमी) से 3 इंच कम है। इस तरह प्रदेश में कुल 12% कम बारिश दर्ज हुई है। पूर्वी हिस्से में औसत से 16% और पश्चिमी हिस्से में 9% कम पानी गिरा है। प्रदेश की कुल औसत सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच रहता है।


कम बारिश वाले 40 जिले: जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल और भोपाल-इंदौर-उज्जैन संभाग के 40 जिलों में 4% से लेकर 58% तक कम बारिश हुई है।


सामान्य से अधिक बारिश वाले 15 जिले: अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में सामान्य से अधिक पानी बरसा है।


प्रमुख शहरों में अगस्त माह के ऐतिहासिक बारिश रिकॉर्ड

भोपाल: वर्ष 2006 के अगस्त माह में सर्वाधिक 35.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। 14 अगस्त 2006 को 24 घंटे में करीब 12 इंच पानी गिरा था।

जबलपुर: 102 साल पहले (वर्ष 1923) अगस्त में सर्वाधिक 44 इंच वर्षा हुई थी, जिसमें 20 अगस्त 1923 को 24 घंटे में 13 इंच पानी गिरा था।

इंदौर: अगस्त 1944 में सर्वाधिक 28 इंच बारिश हुई थी। वहीं 22 अगस्त 2020 को 24 घंटे में 10.5 इंच पानी बरसा था।

ग्वालियर: वर्ष 1916 में अगस्त में सर्वाधिक 28 इंच वर्षा दर्ज हुई थी, जबकि 10 अगस्त 1927 को 24 घंटे में 8.5 इंच पानी गिरा था।

उज्जैन: अगस्त 2006 में सर्वाधिक 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी, जिसमें 10 अगस्त 2006 को 24 घंटे में 12 इंच बारिश का रिकॉर्ड है।