लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके से सोमवार की दोपहर एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला बड़ा हादसा सामने आया है। यहां एक बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में दोपहर करीब 2:15 बजे अचानक भीषण आग लग गई। इस भयावह अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर पढ़ाई करने वाले छात्र (स्टूडेंट्स) बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पूरे शहर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिस चार मंजिला बिल्डिंग में यह हादसा हुआ, उसके बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर एक पेट शॉप (पालतू जानवरों की दुकान) और क्लीनिक संचालित है। वहीं, बिल्डिंग के दूसरे फ्लोर पर 'लर्निंग स्पेस' नाम की एक लाइब्रेरी सह कोचिंग सेंटर और 'हेड हॉपर स्टूडियो' संचालित हो रहा था, जहां 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता था। दोपहर के वक्त जब इमारत में आग भड़की, तब लाइब्रेरी और स्टूडियो में भारी संख्या में छात्र और कर्मचारी मौजूद थे।


जान बचाने बाथरूम में घुसे छात्र, दम घुटने से हुई मौतें

प्रत्यक्षदर्शियों और बचाव दल से मिली जानकारी के अनुसार, बेसमेंट से उठी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी सीढ़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। दूसरे फ्लोर पर मौजूद छात्रों को जब बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला, तो उन्होंने जान बचाने के लिए खुद को भीतर बने बाथरूम में बंद कर लिया। लेकिन कुछ ही देर में पूरी बिल्डिंग में जहरीला धुआं भर गया, जिससे बाथरूम के अंदर ही दम घुटने के कारण ज्यादातर छात्रों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।


आग की लपटों और धुएं के बीच घिरे एक छात्र ने अपनी जान बचाने के लिए पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। दुर्भाग्य से, वह सीधे नीचे लगी लोहे की नुकीली ग्रिल पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


दीवार तोड़कर निकाले जा रहे शव; मंजर देख रो पड़े डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

हालांकि अभी तक आग लगने के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बेसमेंट में लगे एयर कंडीशनर (AC) में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियां मौके पर मुस्तैद हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है। सामने से रास्ता ब्लॉक होने के कारण फायरकर्मियों ने बिल्डिंग के पीछे की मजबूत दीवार को तोड़ा है, जहां से हताहत हुए लोगों के शव बाहर निकाले जा रहे हैं।


हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल पर मृतकों और झुलसे हुए घायलों को ले जाने के लिए एम्बुलेंस तक कम पड़ गईं, जिसके बाद अन्य वाहनों की व्यवस्था की गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रदेश के उप मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) ब्रजेश पाठक तत्काल मौके पर पहुंचे। राहत कार्य का जायजा लेने के दौरान वहां का विचलित करने वाला मंजर देखकर डिप्टी सीएम अपने आंसू नहीं रोक पाए और रो पड़े।


उन्होंने रुंधे गले से मीडिया को बताया, "यह बेहद हृदयविदारक घटना है। मैंने अपनी आंखों के सामने मासूम बच्चों की लाशें बिल्डिंग से बाहर निकलते देखी हैं, जिसे बयां करना मुश्किल है।" उन्होंने प्रशासन को घायलों के मुफ्त और सर्वश्रेष्ठ इलाज के निर्देश दिए हैं और हादसे की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।