छतरपुर, संदीप यादव। जिले में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना कोतवाली पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए ऑनलाइन धोखाधड़ी की रकम का लेन-देन कराने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों की 20 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, विभिन्न कंपनियों के 104 सिम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि बरामद बैंक खाते, सिम और अन्य सामग्री देश के कई राज्यों में दर्ज करीब 35 करोड़ रुपये के साइबर ठगी के मामलों से जुड़ी है।


पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक छतरपुर रजत सकलेचा ने बताया कि साइबर अपराधों पर कार्रवाई के क्रम में थाना कोतवाली पुलिस को राजनगर रोड फोरलेन ओवरब्रिज के पास एक व्यक्ति द्वारा म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति के बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और मोबाइल फोन बरामद हुए।


कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से कनेक्शन


पुलिस द्वारा बरामद सामग्री और संबंधित साइबर क्राइम पोर्टल पर जांच करने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बरामद बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और पंजाब सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़े पाए गए।


जांच में करीब 35 करोड़ रुपये के साइबर धोखाधड़ी के मामलों में इन संसाधनों के इस्तेमाल या कनेक्शन की जानकारी सामने आई है।


37.80 लाख की ठगी के मामले में भी जुड़ा अकाउंट


पुलिस जांच में तमिलनाडु की एक महिला के साथ हुई करीब 37 लाख 80 हजार रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में भी आरोपी सलमान राइन का बैंक अकाउंट सामने आया है। ठगी की रकम का एक हिस्सा सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर हुआ था। सलमान राइन थाना सिविल लाइन, छतरपुर में दर्ज एक वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में पहले से फरार चल रहा था, जिसे अब कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।


लोगों को लालच देकर जुटाते थे बैंक खाते


पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों को अलग-अलग तरह का प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे। इसके बाद इन खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। खातों के साथ फर्जी या दूसरे लोगों के नाम पर जारी सिम कार्ड उपलब्ध कराकर साइबर ठगी की रकम का ट्रांजैक्शन कराया जाता था। इस नेटवर्क में बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाने का काम किया जाता था।


तीन आरोपी गिरफ्तार, एक फरार


गिरफ्तार आरोपियों में सलमान राइन पिता मोहम्मद निसार, निवासी बड़ी कुंजरहटी छतरपुर, शामिल है। पुलिस के अनुसार वह म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने और उन्हें बेचने का काम करता था।


दूसरा आरोपी उज्जवल अग्रवाल पिता हरिओम अग्रवाल, निवासी पैराडाइज कॉलोनी छतरपुर है, जो कियोस्क संचालक है। तीसरा आरोपी राहुल पांडेय पिता दुलीचंद्र पांडेय, निवासी छत्रसाल नगर छतरपुर है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।


पुलिस जांच में सलमान राइन के खिलाफ साइबर वित्तीय धोखाधड़ी, अवैध वसूली और मारपीट सहित करीब आठ अपराधों में संलिप्तता भी सामने आई है।


फरार आरोपियों की तलाश जारी


थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी संबंधी अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों और साइबर ठगी की रकम के लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। फरार आरोपी की तलाश के साथ पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।


इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले और नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर, उप निरीक्षक कुलदीप सिंह जादौन सहित थाना कोतवाली और साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन कराने वाले गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और देशभर में हुए संदिग्ध लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।