बेंगलुरु। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और कर्नाटक प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल ने गुरुवार को धार्मिक स्थलों और कांग्रेस नेताओं द्वारा बताए गए स्थानों पर विशेष गहन पुनरीक्षण के एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना प्रपत्र) कथित तौर पर सामूहिक रूप से भरे जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे अनुचित बताया।बेंगलुरु स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय जगन्नाथ भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राधामोहन दास अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, ''धार्मिक स्थलों और कांग्रेस नेताओं द्वारा सुझाए गए स्थानों पर सामूहिक रूप से एन्यूमरेशन फॉर्म (गणना प्रपत्र) भरे जा रहे हैं। यह सही प्रक्रिया नहीं है।''

अग्रवाल ने कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है कि बूथ लेवल अधिकारी तय नियमों के अनुसार घर-घर जाकर फॉर्म नहीं पहुंचा रहे हैं।

उन्होंने कहा, ''चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बीएलओ हर घर जाकर फॉर्म वितरित करें। हमने इस मुद्दे को आयोग के सामने उठाया है।”

उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा ने अपने बूथ लेवल एजेंट-2 कार्यकर्ताओं के लिए बैठकें और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए हैं, ताकि वे एसआईआर प्रक्रिया के लिए तैयार रहें।

राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए अग्रवाल ने आरोप लगाया कि वह भाजपा द्वारा नियुक्त बीएलए-2 कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल नहीं कर रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पार्टी के आंतरिक मामलों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई है।

कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे पर हमला करते हुए अग्रवाल ने कहा, “प्रियांक खड़गे, जो कहते हैं, उस पर कोई ध्यान नहीं देता। कुमकुम के मुद्दे पर उनकी टिप्पणी भी उचित नहीं थी।”

बता दें कि कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने तिलक लगाने के मुद्दे पर सवाल उठाते हुए दावा किया था कि 90 प्रतिशत केसर इस्लामिक देशों से आता है, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

क्रॉस वोटिंग की खबरों पर अग्रवाल ने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “भाजपा और जेडी(एस) के बीच लगातार तालमेल बना हुआ है। हम नियमित रूप से संपर्क में हैं और बातचीत जारी है। एक समन्वय समिति बनाई गई है, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी सदस्य हैं।”

एक अन्य सवाल के जवाब में अग्रवाल ने दावा किया कि विपक्ष की गतिविधियां आखिरकार भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो रही हैं।

उन्होंने कहा, “हमारे राजनीतिक विरोधी मुस्लिम तुष्टिकरण में लगे हुए हैं, भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं, हमें कमजोर समझते हैं और लगातार राजनीतिक गलतियां कर रहे हैं। यह सब अंत में हमारे पक्ष में काम करता है। इस पर हमें और कुछ कहने की जरूरत नहीं है।”

2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों को लेकर विश्वास जताते हुए अग्रवाल ने कहा कि मतदाता राज्य सरकार के खिलाफ वैसा ही फैसला देंगे, जैसा उनके अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दिया गया था।

उन्होंने कहा, “लोग 2028 विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहे हैं। जैसे पश्चिम बंगाल में मतदाताओं ने ममता बनर्जी को जवाब दिया, वैसे ही वे कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार को जवाब देंगे।”

जब उनसे भाजपा के कर्नाटक प्रभारी के रूप में उनके प्रदर्शन के बारे में पूछा गया तो अग्रवाल ने कहा कि उनकी सफलता या असफलता का फैसला पार्टी कार्यकर्ताओं को करना चाहिए।