मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिला जेल में बंद 42 वर्षीय कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। तबीयत बिगड़ने के बाद कैदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान अफजलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम लसुडावन निवासी समरथ पिता कारूलाल (42) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, समरथ मारपीट और धारा 307 सहित अन्य धाराओं के मामले में मंदसौर जिला जेल में बंद था। जेल में रहने के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
कैदी की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने जिला जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समरथ की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाने में देरी की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
हालांकि, जिला जेल अधीक्षक यशवंत मांझी ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कैदी की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल समरथ की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। घटना के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि कैदी की तबीयत कब बिगड़ी, उसे अस्पताल कब लाया गया और क्या अस्पताल पहुंचाने में किसी तरह की देरी हुई। साथ ही उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका भी पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल एक ओर जहां परिजन जेल प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं जेल प्रशासन ने आरोपों को नकार दिया है।




