पटना। जापान की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘प्रेसिडेंट’ ने सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार की नई डिजिटल शैक्षणिक पहल ‘सुपर इन्फिनिटी’ को एक ऑनलाइन शिक्षण मंच से आगे बढ़कर वैश्विक शैक्षणिक आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया है। पत्रिका ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य दुनिया भर के बच्चों के मन से गणित का डर दूर करना और उनमें स्वतंत्र रूप से सोचने, समझने तथा सीखने का आनंद विकसित करना है। पत्रिका में दो भागों में प्रकाशित विस्तृत लेख में आनंद कुमार के संघर्षपूर्ण जीवन, उनकी शैक्षणिक यात्रा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को प्रमुखता से जगह दी गई है। लेख में बताया गया है कि गणित के प्रति गहरी रुचि रखने वाले आनंद कुमार का कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में पढ़ने का सपना आर्थिक कठिनाइयों के कारण पूरा नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने शिक्षा के माध्यम से वंचित विद्यार्थियों के जीवन में बदलाव लाने का रास्ता चुना।

पत्रिका ने उनके चर्चित शैक्षणिक कार्यक्रम ‘सुपर 30’ का भी उल्लेख किया, जिसके जरिए आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश की तैयारी कराई जाती है। जापानी पाठकों को आईआईटी की प्रतिष्ठा समझाने के लिए लेख में इन संस्थानों की तुलना जापान के प्रसिद्ध टोक्यो विश्वविद्यालय से भी की गई है।

लेख में आनंद कुमार की शिक्षण पद्धति को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। कठिन गणितीय अवधारणाओं को आसान और रोचक बनाने के लिए कहानियों तथा ‘भोलू’ और ‘रिकी’ जैसे काल्पनिक पात्रों का इस्तेमाल उनकी पद्धति की प्रमुख विशेषता बताया गया है। इस तरीके से विद्यार्थियों के लिए गणित को समझना सहज होता है और उनमें विषय के प्रति आत्मविश्वास विकसित करने में मदद मिलती है।

‘सुपर इन्फिनिटी’ के जरिए आनंद कुमार अपनी इसी शिक्षण पद्धति को निःशुल्क डिजिटल माध्यम से दुनिया भर के बच्चों तक पहुंचाना चाहते हैं। पत्रिका ने इस पहल के शैक्षणिक वीडियो जापानी भाषा में उपलब्ध कराने की योजना को भी प्रमुखता दी है। इससे जापान सहित अन्य देशों के विद्यार्थियों को भी इस शिक्षण पद्धति से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

उल्लेखनीय है कि आनंद कुमार के जीवन और ‘सुपर 30’ के शैक्षणिक सफर से प्रेरित होकर हिंदी फिल्म ‘सुपर 30’ बनाई गई थी। इसमें अभिनेता ऋतिक रोशन ने आनंद कुमार की भूमिका निभाई थी। शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही पहचान उनकी डिजिटल पहल ‘सुपर इन्फिनिटी’ को लेकर भी चर्चा का विषय बनी है।