भोपाल, जीतेन्द्र यादव। राजधानी भोपाल में नकली नोटों के एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का खुलासा हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। कोहेफिजा पुलिस ने घेराबंदी कर एक लाख 40 हजार रुपए के जाली नोटों के साथ सैफुल इस्लाम नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़ा गया आरोपी कोई मामूली अपराधी नहीं, बल्कि यूक्रेन से डॉक्टरी की पढ़ाई कर चुका एक 'क्वालिफाइड डॉक्टर' है। इस गिरफ्तारी के बाद विदेशी सिम, अमेरिकी नंबर और अंतरराष्ट्रीय ट्रांजेक्शन जैसे कई सनसनीखेज पहलू सामने आए हैं।
आरोपी सैफुल इस्लाम मूल रूप से पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले का रहने वाला है, जो बांग्लादेश सीमा से सटा हुआ है। पिछले दो सालों से वह भोपाल के पॉश इलाके शाहपुरा में छिपकर रह रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सैफुल यहां 'करेंसी एक्सचेंज' के काम की आड़ में नकली नोटों की सप्लाई का काला कारोबार कर रहा था। उसकी पृष्ठभूमि और बॉर्डर से कनेक्शन होने के चलते पुलिस को संदेह है कि जाली नोटों की यह खेप पाकिस्तान और बांग्लादेश के रास्ते भारत में भेजी जा रही थी।
हाईटेक तरीके से पहचान छिपाने का खेल: UK की सिम और US का नंबर
आरोपी सैफुल बेहद शातिराना तरीके से अपना नेटवर्क चला रहा था। वह अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए यूनाइटेड किंगडम (UK) की सिम का इस्तेमाल करता था और केवल व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए ही अपने गुर्गों से बात करता था। तलाशी के दौरान उसके मोबाइल से अमेरिका का आईएसडी (ISD) नंबर भी बरामद हुआ है। इसके अलावा, उसके बैंक खातों की जांच में कई विदेशी ट्रांजेक्शन मिले हैं, जो इस बात की तस्दीक करते हैं कि यह रैकेट केवल भोपाल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार सात समंदर पार तक फैले हुए हैं।
60 हजार के नोट खपा चुका है आरोपी, NIA कर सकती है जांच
पूछताछ में यह बात भी निकलकर आई है कि सैफुल पिछले कुछ दिनों में राजधानी के बाजारों में 60 हजार रुपए से ज्यादा के नकली नोट खपा चुका है। मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के संलिप्त होने की आशंका को देखते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी इस मामले को अपने हाथ में ले सकती है। पुलिस अब उन ठिकानों और लोगों की तलाश कर रही है जहाँ सैफुल ने नकली नोटों की डिलीवरी दी थी।
6 दिन की पुलिस रिमांड पर आरोपी
कोहेफिजा पुलिस ने आरोपी सैफुल को कोर्ट में पेश कर 6 दिन की रिमांड हासिल की है। एसीपी अनिल बाजपेई के मुताबिक, रिमांड के दौरान आरोपी से उसके पूरे नेटवर्क, मददगारों और भारत में नकली नोट पहुँचाने वाले मुख्य सरगना के बारे में कड़ी पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस 'डॉक्टर' की निशानदेही पर जाली नोटों के इस अंतरराष्ट्रीय कारोबार की पूरी चैन को ध्वस्त किया जा सकेगा। फिलहाल, भोपाल पुलिस अलर्ट मोड पर है और संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की बारीकी से जांच की जा रही है।



