इंदौर,रविकांत वर्मा । मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का राज्य साइबर सेल ने भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने राजगढ़ जिले से गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में अहम भूमिका निभाता था।
मामला इंदौर के साउथ तुकोगंज क्षेत्र का है, जहां एक निजी कंपनी में कार्यरत एचआर मैनेजर को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया गया। पीड़ित को लिंक्डइन के माध्यम से संपर्क कर ‘एशियन मार्केट सिक्योरिटीज’ नाम की एक कथित कंपनी में निवेश का प्रस्ताव दिया गया। आरोपियों ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर और विशेषज्ञ बताकर शेयर बाजार में 200 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया।
ठगों ने पीड़ित को एक फर्जी मोबाइल एप डाउनलोड करवाया, जिसमें निवेश और मुनाफे का फर्जी डेटा दिखाया जाता था। इस झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 22 लाख रुपये निवेश कर दिए। जब पीड़ित ने अपनी राशि और मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने टैक्स और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर और पैसे की मांग शुरू कर दी। संदेह होने पर पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
जांच के दौरान साइबर सेल को पता चला कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी आयुष गुप्ता (31), निवासी जीरापुर, जिला राजगढ़, अपने बड़े भाई के साथ मिलकर इस ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था। आरोपी विभिन्न शहरों में किराए के मकान लेकर वहां का पता आधार कार्ड में अपडेट कराते थे और फिर उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म के नाम से बैंक में करंट अकाउंट खुलवाते थे।
इन खातों के जरिए ठगी की रकम को ट्रांसफर कर उसे अलग-अलग माध्यमों से निकाल लिया जाता था। जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं, जिससे अंदेशा है कि इस गिरोह ने कई राज्यों में बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। साइबर सेल ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले निवेश के लुभावने ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी अनजान ऐप या लिंक पर भरोसा न करें।



