अमरपाटन,नरेन्द्र | विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धौंसड़ा में खनिज माफिया और सत्ता के गठजोड़ का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। यहाँ स्थानीय सरपंच पर देर रात बॉक्साइट का अवैध उत्खनन कराने के गंभीर आरोप लगे हैं। बिना किसी वैध लीज या विभागीय अनुमति के, रात के सन्नाटे में मशीनों के जरिए बेशकीमती बॉक्साइट निकाला जा रहा है, जिससे न केवल सरकारी खजाने को चूना लग रहा है, बल्कि क्षेत्र का भूगोल भी बदल रहा है।
सरपंच की भूमिका पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पंचायत के मुखिया (सरपंच) को इस अवैध कारोबार का सूत्रधार बताया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच की शह और मौजूदगी में ही खनन कार्य को अंजाम दिया जाता है। नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया कि यह काम पिछले कई हफ्तों से चल रहा है। रात 10 बजे के बाद भारी भरकम मशीनें मैदान में उतरती हैं और सुबह होने से पहले बॉक्साइट को डंपर के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया जाता है।
वीडियो ने खोली पोल, प्रशासन अब भी मौन
इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह रात के अंधेरे में हेवी मशीनरी जमीन का सीना चीर रही है। ग्रामीणों ने इस वीडियो को साक्ष्य के तौर पर प्रशासन को भी भेजा है। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया पर मामला सुर्खियों में रहने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने अब तक मौके पर जाकर जांच करना उचित नहीं समझा है।
पर्यावरण और राजस्व को बड़ा नुकसान
विशेषज्ञों का मानना है कि बॉक्साइट का अनियंत्रित और अवैध उत्खनन क्षेत्र के जलस्तर और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। वहीं दूसरी ओर, बिना रॉयल्टी चुकाए निकाले जा रहे इस खनिज से शासन को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो गांव की उपजाऊ जमीन बंजर गड्ढों में तब्दील हो जाएगी।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
धौंसड़ा के आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई और दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
