कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में करीब 26 वर्ष पुराने बहुचर्चित भूमि विवाद का शुक्रवार को प्रशासन ने पटाक्षेप कर दिया। न्यायालय के आदेश के पालन में जिला प्रशासन ने विजय राघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनियों से जुड़ी विवादित भूमि पर बने अवैध निर्माणों को बुलडोजर चलाकर हटाया और भूमि का कब्जा विधिक वारिसों को सौंप दिया। कार्रवाई के दौरान राजस्व, पुलिस और नगर निगम का अमला बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद रहा।
मदन मोहन चौबे वार्ड स्थित लगभग 22 हजार वर्गफीट भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। जानकारी के अनुसार यह भूमि वर्षों पहले सरदार रघुवीर सिंह उर्फ बलवीर सिंह ने प्रकाशनाथ चतुर्वेदी से चिप टाल संचालन के लिए किराए पर ली थी। न्यायालय में मामला लंबित रहने के दौरान वर्ष 2013 में इसी भूमि का विक्रय विधायक संजय पाठक की पारिवारिक कंपनी मेसर्स अतिशा कंस्ट्रक्शन के नाम कर दिया गया, जिस पर विवेक चतुर्वेदी एवं अन्य विधिक वारिसों ने आपत्ति दर्ज कराई थी।
भूमि स्वामित्व का यह मामला विभिन्न न्यायालयों से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने और न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी, तहसीलदार अजीत तिवारी तथा पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित भूमि से बाउंड्रीवाल एवं अन्य निर्माण हटाकर विधिक वारिसों को कब्जा सौंप दिया।
उल्लेखनीय है कि विधायक संजय पाठक से जुड़ी कंपनियों पर पूर्व में अवैध खनन, भूमि विवाद तथा अन्य अनियमितताओं के आरोप भी लगते रहे हैं। कटनी और जबलपुर क्षेत्र में खनन से जुड़े मामलों में शासन स्तर पर जांच एवं रिकवरी की कार्रवाई चल रही है। वहीं डिंडौरी और कटनी क्षेत्र में आदिवासी संगठनों द्वारा जमीन खरीद और रजिस्ट्री संबंधी अनियमितताओं के आरोप भी समय-समय पर लगाए जाते रहे हैं। हालांकि इन मामलों में संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर जारी है।




