मुंबई। इक्विटी म्यूचुअल फंड इनफ्लो जून में मासिक आधार पर 26 प्रतिशत बढ़कर 28,973 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि मई में 22,907 करोड़ रुपए था। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) की ओर से शुक्रवार को जारी डेटा में दी गई। एम्फी द्वारा जारी डेटा में बताया गया कि 11 इक्विटी म्यूचुअल फंड सब-कैटेगरी में से सबसे अधिक 6,090 करोड़ रुपए का निवेश मिडकैप फंड कैटेगरी में आया है।
इसके बाद स्मॉलकैप फंड्स में 5,602 करोड़ रुपए का और फ्लेक्सी कैप फंड्स में 5,231 करोड़ रुपए का निवेश आया है।
वहीं, जून में मल्टीकैप फंड्स में 3,070 करोड़ रुपए, लार्जकैप फंड्स में 2,067 करोड़ रुपए, लार्ज एवं मिडकैप फंड्स में 4,321 करोड़ रुपए, वैल्यू फंड्स/कॉन्ट्रा फंड्स में 686 करोड़ रुपए, फोकस्ड फंड्स में 1,118 करोड़ रुपए और सेक्टोरल/थीमेटिक फंड्स में 1,469 करोड़ रुपए का निवेश आया है।
इसके अलावा, समीक्षा अवधि में ईएलएसएस फंड्स से 634 करोड़ रुपए और डिविडेंड यील्ड फंड्स से 49 करोड़ रुपए की निकासी हुई है।
डेट म्यूचुअल फंड्स से निकासी का सिलसिला जारी है। जून में आउटफ्लो करीब 1.09 लाख करोड़ रुपए रहा है, जबकि मई में यह राशि 96,948 करोड़ रुपए थी।
डेट म्यूचुअल फंड्स की 16 कैटेगरी में से सबसे अधिक 42,293 करोड़ रुपए की निकासी लिक्विड फंड्स में देखी गई है। इसमें 16,484.01 करोड़ रुपए की निकासी के साथ लो ड्यूरेशन फंड्स दूसरे और 10,595 करोड़ रुपए की निकासी के साथ मनी मार्केट्स फंड्स तीसरे स्थान पर थे।
जून में गोल्ड ईटीएफ में 3,443.23 करोड़ रुपए का निवेश आया है। इस दौरान अन्य ईटीएफ में 13,237 करोड़ रुपए का निवेश आया। वहीं, इंडेक्स फंड्स में 58 करोड़ की निकासी देखी गई।
इस निवेश से भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 30 जून तक बढ़कर 82,22,480.04 करोड़ रुपए हो गया है। पूरी जून माह में औसत एयूएएम का आकार 84,18,485.5 करोड़ रुपए रहा है।




