गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) गुवाहाटी के पहले एमबीए बैच की शुरुआत को असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान क्षेत्र की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा।कामरूप जिले के बोंगोरा स्थित टेक सिटी में बने आईआईएम गुवाहाटी के अस्थायी परिसर में वर्ष 2026-28 के पहले एमबीए बैच का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक गतिविधियों की शुरुआत असम और पूर्वोत्तर के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा के पूरा होने का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, "इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित होकर मुझे बेहद खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। आज असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों का एक पुराना सपना पूरा हुआ है।" मुख्यमंत्री ने देश के 18 राज्यों से आए पहले बैच के 52 छात्रों को बधाई भी दी।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने आईआईएम गुवाहाटी की स्थापना में सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में केंद्र सरकार से असम में आईआईएम स्थापित करने का अनुरोध किया था। अप्रैल 2024 में इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिली और अगस्त 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतिम स्वीकृति प्रदान की।
गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा पर केंद्र सरकार के जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में देश में आईआईएम की संख्या 13 थी, जो अब बढ़कर 22 हो गई है। इससे देशभर के छात्रों को विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है।
उन्होंने बताया कि स्थायी परिसर के निर्माण का इंतजार किए बिना शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने टेक सिटी में आधुनिक अस्थायी परिसर विकसित करने पर लगभग 39 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
सीएम सरमा ने कहा कि आईआईएम गुवाहाटी के जुड़ने से आईआईटी गुवाहाटी, एम्स गुवाहाटी, आईआईआईटी, नाइपर और प्रस्तावित राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ असम एक प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में और मजबूत होगा।
उन्होंने आईआईएम गुवाहाटी से अन्य राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के साथ मिलकर नवाचार को बढ़ावा देने और असम तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र की विकास संबंधी चुनौतियों का समाधान खोजने का आह्वान किया।
सरमा ने यह भी उम्मीद जताई कि भविष्य में असम के छात्र राज्य में स्थित राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख संस्थानों में कम से कम 50 प्रतिशत सीटें हासिल कर सकेंगे।
आईआईएम गुवाहाटी का स्थायी परिसर कामरूप जिले के मोराभीटा और दीघलकुची गांवों में 574 बीघा भूमि पर विकसित किया जा रहा है। इसके अगले तीन वर्षों में पूरा होने की उम्मीद है।




