नई दिल्ली, 7 जून । इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दावा किया कि हमास के नुखबा सेल कमांडर सक्र अबू करीम को मार गिराया गया। सक्र अबू करीम सात अक्टूबर के नरसंहार के दौरान किसूफिम क्षेत्र में घुसपैठ का नेतृत्व करने वालों में शामिल था।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में बताया, ''हमास के नुखबा सेल कमांडर सक्र अबू करीम को मार गिराया गया। पूरे युद्ध के दौरान अबू करीम इजरायली सेना (आईडीएफ) के जवानों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में सक्रिय रहा। हाल ही में उसने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करते हुए हमास को फिर से खड़ा करने की कोशिश की और अपने घर में बड़ी मात्रा में हथियार जमा कर रखे थे।''
आईडीएफ ने दावा किया कि इस हमले में हमास के एक लड़ाके को भी मार गिराया गया है, जो संगठन में संचार (कम्युनिकेशन) ऑपरेटिव के तौर पर काम करता था।
आईडीएफ ने कहा कि हमारी सेना के खिलाफ साजिशों को आगे बढ़ाने की कोशिश के बाद इजरायली सेना और शिन बेट ने उस कमांडर को मार गिराया जो सात अक्टूबर के नरसंहार के दौरान किसूफिम क्षेत्र पर हुए हमले के मुख्य जिम्मेदार लोगों में से एक था।
इजरायली सेना और शिन बेट ने पिछले सप्ताह (मंगलवार को) दक्षिणी गाजा पट्टी में एक हमला किया और हमास संगठन के एक एलीट दस्ते के कमांडर सक्र अबू करीम को मार गिराया। करीम उन मुख्य लोगों में शामिल था जिन्होंने सात अक्टूबर के नरसंहार के दौरान किसूफिम क्षेत्र पर हमला किया था।
युद्ध के दौरान भी करीम गाजा पट्टी में तैनात इजरायली सेना के खिलाफ साजिशों को आगे बढ़ाने और उन्हें अंजाम देने में लगा रहा। हाल के समय में उसने युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करते हुए अपने घर में बड़ी मात्रा में हथियार जमा कर रखे थे। वह संगठन को फिर से खड़ा करने और आगे की कार्रवाइयों के लिए आतंकवादी प्रशिक्षण आयोजित करने पर भी काम कर रहा था।
इस हमले में सक्र अबू करीम के साथ एक और लड़ाका भी मारा गया, जो हमास संगठन में संचार (कम्युनिकेशन) ऑपरेटिव के रूप में काम करता था।
हमले से पहले आम नागरिकों को नुकसान कम से कम हो, इसके लिए कई कदम उठाए गए। इनमें सटीक निशाना लगाने वाले हथियारों का इस्तेमाल और हवाई निगरानी शामिल थी।
दक्षिणी कमान के तहत इजरायली सेना की टुकड़ियां समझौते के अनुसार इलाके में तैनात हैं और किसी भी तत्काल खतरे को खत्म करने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रखेंगी।

