इंदौर। इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र की श्री कृष्ण विहार कॉलोनी से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने ममता और अध्यात्म के बीच की लकीर पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ रहने वाला 13 वर्षीय मासूम छात्र रुद्र पांडे, प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से इस कदर प्रभावित हुआ कि उसने संसार की मोह-माया छोड़ वैराग्य की राह चुन ली। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाला यह बालक अपने माता-पिता के लिए एक ऐसा विदाई पत्र छोड़ गया है, जिसे पढ़कर परिजनों की रूह कांप गई है। खजराना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज कर लिया है और बालक की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।


रुद्र ने घर छोड़ने से पहले जो पत्र लिखा, वह किसी परिपक्व वैरागी की भाषा जैसा प्रतीत होता है। उसने अपने माता-पिता को संबोधित करते हुए लिखा कि वह अब अपने 'असली परिवार' के पास जा रहा है और उसके कदम अब सीधे महाराज जी के चरणों की ओर बढ़ रहे हैं। पत्र की सबसे हृदयविदारक पंक्ति वह थी जिसमें उसने लिखा कि "मम्मी-पापा मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना, आपके साथ मेरा जीवन पूरा हो गया है, अब मैं चलता हूं।" घर से निकलते समय वह अपने साथ एक हजार रुपये भी लेकर गया है, जिसके बारे में उसने पत्र में ईमानदारी से जिक्र किया कि यह पैसे उसका एक दोस्त आकर परिवार को लौटा देगा।


पुलिस की जांच में एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बालक कंधे पर बैग टांगे हुए घर से निकलता साफ नजर आ रहा है। रुद्र के पिता पेशे से ड्राइवर हैं और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, पुलिस की टीमें सक्रिय हैं और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित संभावित आध्यात्मिक स्थलों पर सर्चिंग की जा रही है। यह मामला केवल एक बच्चे के लापता होने का नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों से बच्चों के कोमल मन पर पड़ रहे गहरे मनोवैज्ञानिक प्रभाव का भी उदाहरण है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बालक को सकुशल तलाश लिया जाएगा, लेकिन रुद्र का वह पत्र आज पूरे शहर में चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है।