भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही कुदरत के तेवर बेहद आक्रामक हो गए हैं, जिसके परिणाम स्वरूप गुरुवार, 12 मार्च को इस सीजन का पहला 'हीट वेव' यानी लू का आधिकारिक अलर्ट जारी कर दिया गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा से आ रही गर्म हवाओं ने प्रदेश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। विशेष रूप से रतलाम, धार और नर्मदापुरम जिलों में हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं, जहाँ लू के थपेड़े जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। यह अलर्ट न केवल आज के लिए है, बल्कि शुक्रवार को भी इन जिलों में भीषण लू चलने की प्रबल संभावना जताई गई है, जो इस बात का संकेत है कि प्रदेश में अब 'अग्निपरीक्षा' का दौर शुरू हो चुका है।


इस लू के पीछे का मुख्य कारण राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, हवा में नमी का स्तर न्यूनतम हो गया है, जिससे धूप की तपिश सीधे शरीर को झुलसा रही है। बुधवार को ही इसके संकेत मिल गए थे जब रतलाम में पारा सीजन में पहली बार 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। नर्मदापुरम में भी तापमान 39.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो लू के मानक स्तर के बिल्कुल करीब है। प्रदेश के अन्य हिस्सों जैसे इंदौर, भोपाल और उज्जैन में भी लू जैसी स्थिति बनती दिख रही है, क्योंकि यहां भी पारा सामान्य से कई डिग्री ऊपर 38 डिग्री के आसपास बना हुआ है।


लू के इस अलर्ट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। मौसम विभाग के इस अलर्ट ने खासकर ग्वालियर, चंबल और मालवा संभाग के शहरों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यहां आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और भी तीखे होने का अनुमान है। हालांकि, 14 और 15 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की बात कही जा रही है, लेकिन उससे पहले के ये 48 घंटे प्रदेशवासियों के लिए लू की मार के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण साबित होने वाले हैं।