मियामी। इंग्लैंड की फुटबॉल टीम फीफा वर्ल्ड कप में लगातार तीसरी बार क्वार्टर फाइनल मुकाबला उतरेगी। हैरी केन की अगुवाई में क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड की भिड़ंत रविवार को नॉर्वे से होनी है। टीम के युवा मिडफील्डर निको ओ'रेली का मानना है कि टीम में मौजूद अनुभवी खिलाड़ियों की वजह से युवा प्लेयर्स को दबाव वाले मुकाबलों में शांत रहने और सही फैसले लेने में मदद मिल रही है। उन्होंने कप्तान हैरी केन की भी जमकर तारीफ की। मेक्सिको के खिलाफ शानदार जीत हासिल करने के बाद इंग्लैंड की निगाहें अब सेमीफाइनल में जगह पक्की करने पर होगी। टीम आठ साल में दूसरी बार वर्ल्ड कप के अंतिम चार में पहुंचने का प्रयास करेगी।
इंग्लैंड की मौजूदा टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें बड़े टूर्नामेंटों का अनुभव है। जॉर्डन पिकफोर्ड, जॉन स्टोन्स, जॉर्डन हेंडरसन, मार्कस रैशफोर्ड, और कप्तान हैरी केन 2018 वर्ल्ड कप में भी टीम का हिस्सा रह चुके हैं। इसके अलावा, मौजूदा टीम के कई खिलाड़ी पहले भी गैरेथ साउथगेट की टीम के साथ बड़े मुकाबलों का अनुभव ले चुके हैं।
निको ओ'रेली ने कहा कि टीम में मौजूद अनुभवी खिलाड़ी मुश्किल परिस्थितियों में युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी बताते हैं कि दबाव में कैसे शांत रहना है और मैच के दौरान किन बातों का ध्यान रखना है। ओ'रेली ने खास तौर पर कप्तान हैरी केन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “वह एक वर्ल्ड-क्लास खिलाड़ी हैं और बहुत अच्छे इंसान भी हैं। वह हमें पिच पर, पिच के बाहर मोटिवेट करते हैं, वह स्टैंडर्ड तय करते हैं और माहौल बनाते हैं। टीम में उनका होना शानदार है।”
सिर्फ 21 साल के निको ओ'रेली अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने अब तक इंग्लैंड के सभी पांच मुकाबलों में हिस्सा लिया है, जिनमें से चार मैचों में वह शुरुआती एकादश का हिस्सा रहे हैं। ओ'रेली ने कहा कि अपने देश के लिए खेलना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। इंग्लैंड की जर्सी पहनकर मैदान पर उतरना उनके लिए खास अनुभव है और वह हर ट्रेनिंग सेशन व हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं।




