बांदा। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर जल' और 'नमामि गंगे' योजनाओं का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल से नियमित, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। हालांकि, बांदा जिले के कमासिन विकासखंड में जमीनी हकीकत इन सरकारी दावों के बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कागजों पर सरपट दौड़ रही योजनाएं उनके घरों तक पानी पहुंचाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं।
कमासिन के दर्जनों गांवों में सूखी पड़ी हैं टोटियां
कमासिन विकासखंड क्षेत्र की परसौली, अंदौली, बुधौली, जरावरपुर, लखनपुर, बंथरी, दतौरा और बेराव जैसी कई प्रमुख ग्राम पंचायतों में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके घरों में नल कनेक्शन और टोटियां तो लगा दी गई हैं, लेकिन वे लंबे समय से सूखी पड़ी हैं। कई स्थानों पर तो योजना की शुरुआत से लेकर आज तक पानी की एक बूंद नहीं पहुंची है, जबकि कुछ जगहों पर नाममात्र के समय के लिए ही पानी दिया जाता है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हो रही सुनवाई
पेजल आपूर्ति ठप होने से परेशान ग्रामीणों ने इस संबंध में विभाग के आला अधिकारियों, क्षेत्रीय वाल्व ऑपरेटरों और सुपरवाइजरों से बार-बार गुहार लगाई है। दूरभाष, समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों और अन्य आधिकारिक माध्यमों से भी शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार उन्हें केवल झूठे आश्वासनों से ही संतोष करना पड़ता है, जबकि समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला जा रहा।
'फोटोशूट' कर बनाई जा रही फर्जी रिपोर्ट!
विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं:
चुनिंदा निरीक्षण: विभागीय टीमें केवल उन्हीं इलाकों का दौरा करती हैं, जहां पानी की आपूर्ति चालू रहती है।
भ्रामक रिपोर्टिंग: चालू नलों के पास फोटो और वीडियो बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दिए जाते हैं, जिससे कागजों पर व्यवस्था 'सुचारू' दिखाई दे।
निष्पक्ष जांच की मांग: प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी प्रत्येक वार्ड और घर तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने से क्यों बच रहे हैं? उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बारिश और जलभराव का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहा विभाग
इस पूरे मामले पर जल निगम के सहायक अभियंता (AR) कमासिन मनोज कुमार ने स्वीकार किया कि यह समस्या उनके संज्ञान में है। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों की समस्याओं को दूर कर दिया गया है, लेकिन शेष शिकायतों के निस्तारण में व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं।
अधिकारी के अनुसार, बरसात के कारण पाइपलाइनों में जलभराव हो गया है जिससे मरम्मत कार्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जैसे ही जलभराव की स्थिति सामान्य होगी और पानी सूखेगा, बची हुई समस्याओं को भी जल्द से जल्द ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।




