सूरत। सूरत जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में नुकसान का तेजी से आकलन करने के लिए 65 अतिरिक्त सर्वेक्षण टीमें तैनात की हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हाल ही में हुई भारी बारिश और ज्वारीय बाढ़ के बाद प्रभावित निवासियों को तत्काल वित्तीय सहायता मिल सके।

यह निर्णय जिला कलेक्टर तेजस परमार की देखरेख में लिया गया है, क्योंकि प्रशासन हताहतों, घायलों, घरों, घरेलू सामानों और अन्य चल एवं अचल संपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है।

यह सर्वेक्षण सरकारी राहत वितरण का आधार बनता है, जिसमें नकद सहायता और घरेलू नुकसान के लिए मुआवजा शामिल है।

इस कार्य को सुदृढ़ करने के लिए राज्य कर विभाग के 13 अधिकारियों और उनके कर्मचारियों को इस अभियान में लगाया गया है, जिससे 338 अधिकारियों और कर्मचारियों वाली 65 नई टीमें गठित की गई हैं।

नए तैनात कर्मियों को तत्काल क्षेत्रीय सर्वेक्षण शुरू करने का निर्देश दिया गया है। अतिरिक्त टीमों को मुख्य रूप से सूरत शहर के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों उधना और माजुरा में तैनात किया गया है।

जिला प्रशासन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आने वाले दिनों में और अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया जा सकता है।

यह अतिरिक्त बल उन 50 से अधिक सर्वेक्षण टीमों की तैनाती के अतिरिक्त है, जिनमें लगभग 250 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।

अधिकारियों को उम्मीद है कि विस्तारित कार्यबल सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाएगा और पात्र लाभार्थियों को राहत सहायता शीघ्रता से प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा।

इस बीच, जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को वित्तीय सहायता का वितरण जारी रखा है।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम 6 बजे तक प्रभावित छह तालुकों में कुल 2,877 लाभार्थियों को नकद सहायता और घरेलू क्षति के मुआवजे के रूप में 65.21 लाख रुपए से अधिक की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।

कुल लाभार्थियों में से 1,918 परिवारों को 17.26 लाख रुपए से अधिक की नकद सहायता मिली। उधना में 1,666 लाभार्थियों को 14.99 लाख रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई।

कतरगाम में 84 लोगों को 75,600 रुपए, माजुरा में 86 लाभार्थियों को 77,400 रुपए और अब्रामा में 82 लाभार्थियों को 73,800 रुपए प्राप्त हुए। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त घरेलू सामानों के लिए भी मुआवजा वितरित किया।

कुल 959 लाभार्थियों को 47.95 लाख रुपए की राशि प्राप्त हुई। उधना में एक बार फिर सबसे अधिक राशि आवंटित की गई, जहां 833 परिवारों को 41.65 लाख रुपए प्राप्त हुए।

कतरगम में 42 परिवारों को 2.10 लाख रुपए, माजुरा में 43 परिवारों को 2.15 लाख रुपए और अब्रामा में 41 परिवारों को 2.05 लाख रुपए की सहायता राशि मिली।

अधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य जारी है और आकलन पूरा होने पर अतिरिक्त पात्र लाभार्थियों को सहायता प्राप्त होगी।