सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले अंतर्गत रहली नगर में श्रावण मास के तीसरे सोमवार को उज्जैन की सुप्रसिद्ध परंपरा की तर्ज पर बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। यह भव्य आयोजन श्रीदेव सीताराम न्यास और महाकाल भक्त मंडल के तत्वावधान में संपन्न हुआ।
शोभायात्रा की प्रमुख झलकियां
पालकी यात्रा का शुभारंभ रहली के ऐतिहासिक देवलिया मंदिर परिसर से हुआ। भगवान महाकाल की आकर्षक झांकी एवं शिवलिंग की भव्य साज-सज्जा श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। नगर भ्रमण के दौरान डमरू दलों की गूंज, अखाड़ों के हैरतअंगेज प्रदर्शनों और महाकाल भक्तों की मनमोहक प्रस्तुतियों से संपूर्ण मार्ग 'हर-हर महादेव' एवं 'जय श्री महाकाल' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई जब शाही सवारी पवित्र नदी तट पर पहुंची, तब परंपरा व वैदिक विधि-विधान के साथ बाबा महाकाल का विशेष अभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया गया। यात्रा मार्ग में स्थान-स्थान पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों द्वारा पालकी पर पुष्पवर्षा कर भावभीना स्वागत किया गया। भगवान शिव के दिव्य दर्शनों के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में जनसैलाब उमड़ा रहा।
धार्मिक आयोजनों से संपूर्ण रहली नगर दिनभर शिवभक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धालुओं ने स्थानीय शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना कर क्षेत्र एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।




