गुन्नौर,जीतेन्द्र रजक। भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर आज गुन्नौर नगर में जैन समाज द्वारा अत्यंत हर्षोल्लास के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान पूरा गुन्नौर नगर श्वेत ध्वजाओं और भगवान महावीर के जयकारों से सराबोर नजर आया।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई शुरुआत
प्रातः काल से ही स्थानीय जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक का दौर शुरू हो गया था। भक्तों ने सामूहिक रूप से भगवान महावीर की आरती की और उनके बताए गए अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इसके पश्चात, गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ
शोभायात्रा का आकर्षण
शोभायात्रा में सबसे आगे सुसज्जित रथ पर भगवान महावीर की प्रतिमा विराजमान थी, जिसे भक्त श्रद्धापूर्वक खींच रहे थे। मार्ग में जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
झांकियां: यात्रा में भगवान महावीर के जीवन और उनके संदेशों को दर्शाती सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
भजन-कीर्तन: महिला मंडल और युवाओं की टोलियां भजनों पर नृत्य करते हुए और जियो और जीने दो" के नारे लगाते हुए चल रही थीं।
प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था
भीड़ और शोभायात्रा के लंबे मार्ग को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन किया गया था, ताकि आम जनता को असुविधा न हो और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
सामाजिक एकता का संदेश
शोभायात्रा के समापन पर मंदिर प्रांगण में धर्मसभा का आयोजन हुआ, जहां वक्ताओं ने भगवान महावीर की शिक्षाओं की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज (प्रसाद वितरण) का आयोजन किया गया।
इस आयोजन ने न केवल धार्मिक उत्साह को दर्शाया, बल्कि नगर में आपसी भाईचारे और शांति का संदेश भी प्रसारित किया।

