छतरपुर। छतरपुर जिले की गढ़ीमलहरा थाना पुलिस ने साइबर अपराध में मदद करने वाले एक बड़े और खतरनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पीओएस (POS) मशीन का दुरुपयोग कर आम लोगों के गोपनीय दस्तावेज जुटाने और उनके नाम पर फर्जी सिम व बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को सप्लाई करने वाले दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
POS मशीन से चुराते थे डेटा, एसपी ने बताया कैसे हुआ खुलासा
छतरपुर पुलिस अधीक्षक (SP) रजत सकलेचा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सिस्टम एनालिसिस और डिजिटल मॉनिटरिंग के दौरान गढ़ीमलहरा इलाके में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दर्ज की गई थीं। गहन जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी दशरथ कुशवाहा (निवासी गढ़ीमलहरा) अपनी पीओएस मशीन का गलत इस्तेमाल कर रहा था। वह दुकान पर आने वाले ग्राहकों के आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की जानकारी चुपके से जुटा लेता था। इसके बाद उन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से नई सिम चालू कराता था और फर्जी बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को बेच देता था।
यूपी के साथी संग गिरफ्तार, भारी मात्रा में फर्जी सिम और फिंगरप्रिंट डिवाइस जब्त
मुख्य आरोपी दशरथ कुशवाहा की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके उत्तर प्रदेश निवासी सहयोगी आकाश कुशवाहा (निवासी पनवाड़ी, जिला महोबा, UP) को भी धर दबोचा।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामग्रियां बरामद की हैं:
- कई एंड्रॉइड मोबाइल फोन
- आम लोगों के आधार कार्ड व पहचान पत्र
- फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन डिवाइस
- चालू (एक्टिवेटेड) लापू (LAPU) सिम कार्ड
- साइबर लिंक की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल गढ़ीमलहरा पुलिस दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनके द्वारा सप्लाई की गई फर्जी सिम और खातों का इस्तेमाल देश के किन-किन हिस्सों में साइबर ठगी के लिए किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों और आरोपियों की भी तलाश जारी है, जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।




