अर्लिंग्टन। मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में हराकर पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के अंतिम-16 में जगह बनाई। टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद हेड कोच होसम हसन फिलिस्तीनी झंडा लहराते हुए नजर आए, और उन्होंने इस जीत को फिलिस्तीन के लोगों को समर्पित किया।डलास स्टेडियम में खेले गए राउंड ऑफ 32 मुकाबले में मिस्र ने ऑस्ट्रेलिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराकर अंतिम 16 का टिकट हासिल किया। यह मिस्र की वर्ल्ड कप इतिहास में पहली नॉकआउट जीत रही। इस जीत के साथ मिस्र उन चुनिंदा अफ्रीकी टीमों में शामिल हो गई है जिन्होंने वर्ल्ड कप मुकाबले को पेनल्टी शूटआउट में जीता है। इससे पहले, मोरक्को ने 2022 और 2006 में पेनल्टी शूटआउट में जीत दर्ज की थी।

मैच खत्म होने के बाद होसम हसन पिच पर मिस्र और फिलिस्तीन दोनों के झंडे लेकर पहुंचे। स्टेडियम में मौजूद कई प्रशंसकों ने “फ्री फिलिस्तीन” के नारे भी लगाए। हसन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह जीत केवल मिस्र के लिए नहीं, बल्कि फिलिस्तीन के लोगों के लिए भी है। उन्होंने कहा, “मैं यह जीत मिस्र और फिलिस्तीन दोनों के लोगों को समर्पित करता हूं। वे दयालु और इज्जतदार लोग हैं। भगवान उनके शहीदों पर रहम करे और उन्हें ताकत दे।"

इससे पहले मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मैच के 13वें मिनट में इमाम अशूर ने मिस्र को 1-0 की बढ़त दिलाई। उन्होंने करीम हाफेज के क्रॉस पर शानदार हेडर लगाते हुए मैच का पहला गोल दागा। हालांकि, दूसरे हाफ में मिस्र के खिलाड़ी एडेन ओ'नील गेंद को क्लियर करने के प्रयास में खुद का ही गोल कर बैठे, जिससे स्कोर 1-1 से बराबर हो गया।

90 मिनट तक स्कोर बराबर रहने के बाद मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंचा, लेकिन यहां भी किसी भी टीम को गोल करने में सफलता हाथ नहीं लग सकी। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में मिस्र ने अपने चारों प्रयासों में गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुंचाया, जबकि ऑस्ट्रेलिया के दो प्रयास विफल रहे और मिस्र 4-2 से पेनल्टी शूटआउट को अपने नाम करने में सफल रहा। राउंड ऑफ 16 मुकाबले में मिस्र की भिड़ंत अब अर्जेंटीना से 8 जुलाई को होगी।