सतना, अंबिका केसरी। सतना जिले की उचेहरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पोड़ी गरादा में पिछले छह महीनों से जारी भीषण बिजली संकट को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद सिंह और ग्राम सरपंच रामकलेश सिंह चौधरी की अगुआई में सैकड़ों ग्रामीणों ने उचेहरा विद्युत मंडल कार्यालय (MPEB Office) का घेराव कर कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया।


बिजली संकट की प्रमुख समस्याएं

ग्रामीणों के अनुसार गांव का जले हुए ट्रांसफॉर्मर को महीनों बीत जाने के बाद भी नहीं बदला गया है। गांव में 24 घंटे में से बमुश्किल 4 घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे अघोषित बिजली कटौती जारी है। बिजली न होने से बच्चों और छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। साथ ही घरेलू कामकाज, पेयजल आपूर्ति और किसानों के दैनिक कार्य ठप पड़े हैं।


जेई ने जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

ग्रामीणों के भारी आक्रोश और नारेबाजी को देखते हुए कनिष्ठ अभियंता (JE) अनुराग पांडेय खुद मौके पर पहुंचे। संवेदनशीलता दिखाते हुए जेई अधिकारियों के साथ जमीन पर बैठकर धरने में शामिल ग्रामीणों से चर्चा करने लगे: जेई अनुराग पांडेय ने ग्रामीणों को बताया कि मुख्य पावर ट्रांसफॉर्मर पर अत्यधिक ओवरलोड होने के कारण तकनीकी समस्या आ रही है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से बात कर जल्द से जल्द जला ट्रांसफॉर्मर बदलवाने और नियमित विद्युत आपूर्ति बहाल कराने का आश्वासन दिया।


ग्रामीणों की चेतावनी

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि आश्वासन के बावजूद जल्द से जल्द नया ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर सुचारू बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो उचेहरा विद्युत मंडल के खिलाफ और भी उग्र व बड़ा आंदोलन किया जाएगा।