कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक कुणाल घोष पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान अंडा फेंका गया। इस घटना के बाद कुणाल घोष ने इसे गंभीर सुरक्षा लापरवाही बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। टीएमसी विधायक कुणाल घोष ने बताया कि वह वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक के लिए ममता बनर्जी के घर पहुंचे थे। जैसे ही वह बाहर निकल रहे थे, मीडिया ने उन्हें रोककर सवाल पूछे, जिनका वह जवाब दे रहे थे। इसी दौरान दो युवकों में से एक ने उन पर अंडा फेंक दिया।
उन्होंने कहा कि उन्होंने आखिरी क्षण में अपना चेहरा मोड़ लिया, जिससे अंडा उनके चश्मे या आंख पर नहीं लगा और एक बड़ी चोट टल गई। उन्होंने यह भी कहा कि वह उस समय बिना किसी सुरक्षा के खड़े थे, जिससे उन्हें आसान निशाना बनाया गया।
उन्होंने इस घटना को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि अगर यही घटना वरिष्ठ नेताओं जैसे सौगत रॉय, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, कल्याण बनर्जी, मदन मित्रा या विमान बनर्जी के साथ होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब कोई भी ममता बनर्जी के आवास पर सुरक्षित रूप से नहीं जा सकेगा।
कुणाल घोष ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिशें हो रही है। कुछ दलों के नेता अलग-अलग राजनीतिक विकल्पों की बात करते हैं, लेकिन उन्हें संबंधित पार्टियों में स्वीकार नहीं किया जा रहा है।
कुणाल घोष पर अंडा फेंके जाने पर सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "पश्चिम बंगाल का क्या हाल हो गया है। जब विधायक कुणाल घोष 'दीदी' के घर से निकलकर प्रेस से बात कर रहे थे, तो भाजपा के गुंडों ने उन पर अंडे फेंके। पुलिस वहां मौजूद थी, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। जब सीआईडी यहां आई थी, तो मैंने बताया था कि दोनों गवाह भाजपा से जुड़े लोग हैं। उनमें से एक यह युवक था (अपने फोन पर तस्वीर दिखाते हुए), जो अंडा फेंकने आए ग्रुप का हिस्सा था। मैंने पुलिस कमिश्नर को फोन किया, 25-30 मिनट बीत चुके हैं, लेकिन कोई नहीं आया। हमारी जान को खतरा है। पश्चिम बंगाल में यही हालात हैं।"
दूसरी तरफ अंडा फेंकने वाले युवक चंदन ने मीडिया से कहा कि कुणाल घोष ने हमारे साथ बहुत ज्यादतियां की हैं। आज वे अंडे खाने के लायक थे। इसी कारण मैंने उन पर अंडे फेंके।

