कोलकाता। 135वें डूरंड कप के फाइनल में ईस्ट बंगाल एफसी ने रविवार को मोहन बागान सुपर जायंट के खिलाफ 4-1 के बड़े अंतर से जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम किया। इसी के साथ ईस्ट बंगाल ने 22 साल बाद 'डूरंड कप' का टाइटल अपने नाम किया है। इससे पहले टीम ने साल 2004 में यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी उठाई थी।

कोलकाता (पश्चिम बंगाल) के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेले गए फाइनल में ईस्ट बंगाल एफसी के लिए इस ऐतिहासिक जीत के नायक एडमंड लालरिंडिका रहे, जिन्होंने पहले ही हाफ के शुरुआती 44 मिनट में बेहतरीन हैट्रिक लगाकर टीम को शानदार बढ़त दिलाई दी थी।

मैच के पहले हाफ में ईस्ट बंगाल एफसी का दबदबा देखने को मिला। मुकाबले की शुरुआत से ही ईस्ट बंगाल ने आक्रामक खेल दिखाया। खेल के 10वें मिनट में टीएच बिपिन सिंह ने गोल दागकर मैच का खाता खोला। इसके ठीक एक मिनट बाद (11') एडमंड लालरिंडिका ने गोल किया और फिर 22वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागकर टीम को 3-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

मोहन बागान की तरफ से 33वें मिनट में मनवीर सिंह ने एक गोल करते हुए अपनी टीम के लिए उम्मीद जगाने की कोशिश की, लेकिन हाफ-टाइम से ठीक पहले 44वें मिनट में एडमंड लालरिंडिका ने अपना तीसरा गोल करते हुए 'हैट्रिक' पूरी की। इसी के साथ ईस्ट बंगाल ने 4-1 के स्कोर के साथ पहले हाफ का समापन किया।

पहले हाफ के 29वें मिनट ईस्ट बंगाल एफसी के दानी रामिरेज और मोहन बागान सुपर जायंट के लालेंगमाविया राल्टे (42वें मिनट) को 'येलो कार्ड' दिखाए गए।

पहले हाफ में 5 गोल देखने को मिले, लेकिन अगला हाफ गोलरहित रहा। इस दौरान कई फाउल, येलो कार्ड और आक्रामकता देखने को मिली। 58वें मिनट में मोहन बागान सुपर जायंट के टेकचम अभिषेक सिंह को येलो कार्ड दिखाया गया, जबकि 59वें मिनट में ईस्ट बंगाल एफसी के थोउनाओजाम जैक्सन सिंह को 'येलो कार्ड' मिला। अंतिम पलों में जायंट के अल्बर्टो रोड्रिगेज मार्टिन (90+5वें मिनट) को येलो कार्ड मिला।

फुल-टाइम की सीटी बजने तक स्कोर 4-1 ही रहा, जिसके साथ ईस्ट बंगाल एफसी ने इस मुकाबले को एकतरफा अंदाज में अपने नाम कर लिया।