वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अमेरिका को डीजल सप्लाई करने वाले एक बड़े तेल समझौते के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की आलोचना के बावजूद इस समझौते का बचाव किया।

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि रूस के साथ हुआ ऊर्जा समझौता अमेरिकी सप्लाई और वैश्विक तेल बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि आपने रूस के साथ हुए तेल समझौते के बारे में सुना होगा। यह बहुत बड़ा समझौता है। हमारे देश में भारी मात्रा में तेल आ रहा है। और मैं ईमानदारी से राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देना चाहता हूं।" उन्होंने कहा क‍ि हमारे देश में बड़ी मात्रा में तेल आ रहा है और यह डीजल है, जिसकी हमें जरूरत है। इसलिए धन्यवाद।

ट्रंप की यह टिप्पणी उस समय आई जब एक पत्रकार ने जेलेंस्की की आलोचना का जिक्र किया। रिपोर्टर के मुताबिक, जेलेंस्की ने इस समझौते को लेकर ट्रंप को कमजोर बताया था। ट्रंप ने इसका जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका को ऊर्जा सप्लाई की जरूरत है और खास तौर पर डीजल की अहम भूमिका है। उन्होंने दावा किया कि इस समझौते की वजह से ऊर्जा की कीमतों में गिरावट आ रही है।

ईरान के मुद्दे पर ट्रंप ने अतिरिक्त अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना को खारिज नहीं किया। ट्रंप ने ईरान को एक ऐसे देश के रूप में पेश किया जो सैन्य और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, "उनकी सेना हार चुकी है। उनके पास नौसेना नहीं है। उनके पास वायुसेना नहीं है।" ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में महंगाई 300 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एक हवाई अड्डे पर कथित हमले के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने असंतोष जताया। उन्होंने कहा, "यह अच्छी बात नहीं है। बिल्कुल अच्छी बात नहीं है। मैं इससे खुश नहीं हूं।"

ट्रंप ने फोर्ट हूड गोलीकांड के दोषी और उसकी फांसी के संभावित लाइव प्रसारण को लेकर पूछे गए सवालों के भी जवाब दिए।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह फांसी का प्रसारण चाहते हैं और क्या ऐसी फुटेज का इस्तेमाल चरमपंथी प्रचार के लिए हो सकता है, तो ट्रंप ने कहा कि उनकी प्राथमिक चिंता यह है कि मौत की सजा को अमल में लाया जाए। उन्होंने कहा क‍ि मुझे इस बात से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि उसे कैसे फांसी दी जाती है। मेरा मानना है कि उसके लिए मौत की सजा बिल्कुल उचित है।