भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय (वल्लभ भवन) में मंगलवार (16 जून) को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक सम्पन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जनहित से जुड़े कई दूरगामी फैसलों पर गहन विचार-विमर्श कर उन्हें मंजूरी दी गई। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लाए गए नीतिगत प्रस्तावों को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दिखाई। इस बैठक का सबसे बड़ा और तात्कालिक निर्णय शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के तबादलों (ट्रांसफर) से जुड़ा रहा, जिसके तहत सरकार ने सामान्य तबादलों की अवधि को आगामी 24 घंटे के लिए आगे बढ़ा दिया है।


अटकी हुई सूचियों को जारी करने के लिए मुख्यमंत्री ने दी 24 घंटे की विशेष छूट

कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की आधिकारिक जानकारी देते हुए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चेतन्य कश्यप ने मीडिया को बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश में प्रशासनिक कसावट के मद्देनजर पूर्व में 1 जून से 15 जून तक की अवधि के लिए सामान्य तबादलों से प्रतिबंध हटाया था।


समय-सीमा में बदलाव: तय समय-सीमा के भीतर केवल कुछ ही विभागों की स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी हो सकी थी, जबकि कई बड़े विभागों की सूचियां अंतिम दौर में विभागीय समन्वय और तकनीकी कारणों से अटक गई थीं।


आज रात 12 बजे तक मौका: कर्मचारियों के हितों और प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष छूट देते हुए इस अवधि को 24 घंटे के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया। अब प्रदेश में सामान्य तबादले 16 जून की रात 12 बजे तक किए जा सकेंगे। जो ट्रांसफर सूचियां सक्षम स्तर से अनुमोदित (Approve) हो चुकी हैं, उन्हें आज रात 12 बजे से पहले अनिवार्य रूप से जारी किया जा सकेगा।


मंत्रालय में जुटे रहे अधिकारी, देर रात तक जारी रहेगा सूचियों का दौर

प्रशासनिक गलियारों में हलचल:

कैबिनेट के इस फैसले के बाद मंत्रालय से लेकर विभिन्न विभागाध्यक्ष (HOD) कार्यालयों में मंगलवार दोपहर बाद से ही भारी गहमागहमी का माहौल देखा गया। जिन विभागों की सूचियां मंत्रियों के अनुमोदन या समन्वय के फेर में रुकी हुई थीं, उनके आला अधिकारी और स्थापना शाखा के कर्मचारी त्रुटिसुधार और अंतिम प्रकाशन में जुट गए हैं। सरकार के इस कदम से उन हजारों अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है, जो नीतिगत आधार पर या पारस्परिक (म्युचुअल) रूप से स्थानांतरण की आस लगाए बैठे थे। कैबिनेट बैठक में इसके अलावा कुछ अन्य विभागों के बजटीय प्रस्तावों और आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर भी अनौपचारिक चर्चा की गई।