सोमनाथ और नागेश्वर ज्योतिर्लिंग में भक्ति का जन-सैलाब, व्यवस्थित तरीके से हो रहे भक्तों को दर्शन

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सोमनाथ। भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में पहले स्थान पर विराजमान सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में महाशिवरात्रि के दिन आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है।
भक्त सोमनाथ महादेव के दर्शन के लिए घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार कर रहे हैं और साथ ही बाबा के भजन भी गा रहे हैं। महिलाओं के बीच महाशिवरात्रि का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है, जो परिसर में महादेव की शादी के बारात गीत गा रही हैं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर एक श्रद्धालु ने कहा, "आज मैं महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रार्थना करने सोमनाथ आई हूं और यहां की व्यवस्था शानदार है क्योंकि भीड़ होने के बाद भी आराम से दर्शन करने का मौका मिल रहा है। सुबह की मंगला आरती बहुत सुंदर थी और सब कुछ बहुत सुव्यवस्थित है। मेरा मानना है कि सबको एक बार दर्शन के लिए जरूर आना चाहिए।" पीएम मोदी की सराहना करते हुए महिला श्रद्धालु ने कहा, "मंदिर की साफ-सफाई और व्यवस्था को लेकर सरकार की तरफ से बहुत काम किया जा रहा है और प्रदेश में भी तेजी से विकास हो रहा है।"
वहीं गुजरात में मौजूद नागेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि शाम तक मंदिर में भीड़ बढ़ सकती है और भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए सारे इंतजाम भी कर लिए गए हैं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के गोस्वामी पुजारी गिरधर भारती ने आईएएनएस से कहा, "नागेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और महाशिवरात्रि के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। मंदिर में मंगला आरती, रुद्राभिषेक, और जलाभिषेक किया जाएगा और भक्त भी विशेष पूजा करा सकते हैं। शाम के समय पुष्प शृंगार किया जाएगा और रात के समय 16 अलग-अलग चीजों से नागेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया जाएगा।"
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के अलावा, महाशिवरात्रि के अवसर पर नव काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। काशी विश्वनाथ मंदिर में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जलाभिषेक में शामिल होने की उम्मीद जताई है। मंदिर प्रशासन से जुड़े अधिकारी ने बताया कि 25 साल से मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन विशेष पूजा का आयोजन होता है और यह मंदिर भगवान शिव को प्रिय मंदिर है क्योंकि मंदिर काशी विश्वनाथ की महिमा को देखकर स्थापित किया गया है।
