नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित कांग्रेस की बैठक के दौरान पंजाब के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता लखबीर सिंह लाखा ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है और पार्टी नेतृत्व को विश्वास है कि अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पंजाब में सरकार बनाने में सफल होगी। इसके साथ ही, उन्होंने अकाल तख्त से जुड़े बेअदबी मामले और मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

लखबीर सिंह लाखा ने कहा कि पंजाब में विधानसभा चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं और अगले तीन-चार महीनों में चुनावी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। ऐसे में कांग्रेस संगठन स्तर से लेकर चुनावी रणनीति तक हर मोर्चे पर सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में तीन-चार महीने बाद चुनाव आने वाले हैं। इसके लिए पंजाब कांग्रेस को क्या रणनीति बनानी है, इस बारे में हाईकमान ने हमसे राय और सुझाव मांगे हैं। हमने अपनी पूरी रणनीति पार्टी नेतृत्व को बता दी है। अब हाईकमान तय करेगा कि पंजाब चुनाव में किस तरह उतरना है, किस प्रकार चुनावी अभियान चलाना है और किस रणनीति के साथ जीत हासिल करनी है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पार्टी का लक्ष्य हर हाल में पंजाब विधानसभा चुनाव जीतना है और इसके लिए संगठनात्मक स्तर पर व्यापक तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को भी चुनावी माहौल के लिए तैयार किया जा रहा है और जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

लाखा ने कहा कि कांग्रेस को पंजाब की जनता पर पूरा भरोसा है। पार्टी को यह उम्मीद है कि आगामी चुनाव में जनता बदलाव के पक्ष में मतदान करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य के विकास, किसानों, युवाओं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी।

इस दौरान लखबीर सिंह लाखा ने अकाल तख्त से जुड़े कथित बेअदबी मामले और उस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस मामले में अकाल तख्त के जत्थेदार द्वारा जो निर्णय और बयान दिए गए हैं, उन्हें गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार साहब ने जो फैसला दिया है, वही बोल रहे हैं। जत्थेदार साहब का कहना है कि इस वीडियो की दो अलग-अलग फॉरेंसिक लैब से जांच करवाई गई है। अगर किसी को लगता है कि जांच गलत है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है। यदि इसके अलावा भी कोई तथ्य सामने आते हैं तो वह बेहद गंभीर विषय होगा। फिलहाल मैं इस मुद्दे पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।