भोपाल। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़े मामले को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस द्वारा उठाई गई आपत्तियों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया, जिससे उसकी निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब चुनाव आयोग के पास हस्तक्षेप करने और आवश्यक निर्णय लेने के विशेष अधिकार मौजूद हैं, तो फिर इस मामले में तत्परता क्यों नहीं दिखाई गई। पार्टी का आरोप है कि भाजपा से जुड़े मामलों में आयोग सक्रिय दिखाई देता है, जबकि कांग्रेस के मुद्दों पर चुप्पी साध लेता है।
कांग्रेस का कहना है कि यह मामला केवल एक उम्मीदवार के नामांकन तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनावी निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है। यदि चुनाव आयोग नियमों, कानूनों और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की अनदेखी करता है, तो उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
पार्टी ने बताया कि न्याय की उम्मीद में इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखा गया है। कांग्रेस को उम्मीद है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ऐसा निर्णय देगा, जो लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया की गरिमा की रक्षा करने वाली मिसाल बनेगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संवैधानिक संस्थाएं किसी राजनीतिक दल की कठपुतली नहीं होतीं, बल्कि संविधान की संरक्षक होती हैं और उन्हें पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए।




