मंदसौर | मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील मुख्यालय पर गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त होने से आक्रोशित कांग्रेसियों ने जब मल्हारगढ़ चौपाटी पर रैली निकालकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने का प्रयास किया, तो पुलिस बल ने उन्हें बलपूर्वक रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में तीखी नोंक-झोंक और झूमाझटकी हुई। कांग्रेस ने मल्हारगढ़ थाना प्रभारी (TI) अनिल रघुवंशी पर कार्यकर्ताओं से मारपीट और महिला नेताओं के साथ अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगाते हुए क्षेत्र में भारी रोष व्यक्त किया है।


पुतला दहन के दौरान बिगड़े हालात, छावनी में बदला चौपाटी क्षेत्र

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा के लिए पर्चा खारिज/निरस्त होने की खबर के बाद स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मल्हारगढ़ चौपाटी पर एकत्रित हुए थे। पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए एक विरोध रैली निकाली। जैसे ही कार्यकर्ता पुतला दहन करने के लिए आगे बढ़े, पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने पुतला छीनने का प्रयास किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी आमने-सामने आ गए और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।


मल्हारगढ़ थाना प्रभारी पर बदतमीजी और तोड़फोड़ के गंभीर आरोप

प्रदर्शन के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने मल्हारगढ़ नगर थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी के रवैए पर बेहद कड़ा ऐतराज जताया और उन पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप मढ़ा।


कांग्रेस के मुख्य आरोप:

कार्यकर्ताओं पर हमला: आरोप है कि प्रदर्शन को दबाने के लिए थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सरेआम चांटा (थप्पड़) मारा।


महिला कार्यकर्ताओं से अभद्रता: महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिसिया कार्रवाई के दौरान उनके साथ बेहद बदतमीजी और धक्का-मुक्की की गई।


वाहनों में तोड़फोड़: कांग्रेसियों का यह भी आरोप है कि टीआई ने आक्रोश में आकर वहां खड़ी नेताओं की कारों के शीशे तक फोड़ दिए।


राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन; बड़े आंदोलन की चेतावनी

इस तीखी झड़प और पुलिसिया कार्रवाई से नाराज कांग्रेस जनों ने प्रदर्शन के तुरंत बाद मल्हारगढ़ तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्यसभा नामांकन निरस्त किए जाने की प्रक्रिया को लोकतंत्र की हत्या करार दिया गया। इसके साथ ही, मल्हारगढ़ थाना प्रभारी अनिल रघुवंशी के खिलाफ विभागीय जांच करने और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस तानाशाही रवैए और कार्यकर्ताओं पर हुए हमले के खिलाफ जल्द दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे मंदसौर जिले में उग्र चक्काजाम और व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा। इस घटना के बाद से ही मल्हारगढ़ क्षेत्र में राजनैतिक तनाव गहरा गया है।