छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल द्वारा बुधवार को औचक निरीक्षण के क्रम में घुवारा, भगवां सहित अन्य उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने किसानों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल एवं छाया की व्यवस्था का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने केंद्रों पर रखी गई गेहूं की गठानों एवं वारदानों की स्थिति की भी समीक्षा की।


निरीक्षण के दौरान उन्होंने तौल कांटों की संख्या बढ़ाने तथा परिवहन व्यवस्था को गति देने के लिए अधिक गाड़ियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उपार्जन कार्य सुचारु रूप से चलता रहे। मौसम को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही वारदानों की संख्या बढ़ाने, परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा गेहूं की दोबारा छनाई कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।


डीएमओ को दिए 2 घंटे में बारदाना भेजने के निर्देश

कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने घुवारा अंतर्गत पनवारी उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के दौरान बारदाने की कमी मिलने पर तत्काल 2 घंटे में बारदाना भेजने निर्देश दिए। साथ ही किसानों को तौल पर्ची देने और स्लॉट के क्रम के अनुसार ही गेहूं तुलाई करने के दिए निर्देश। कलेक्टर ने 50 किलो 200 ग्राम ही मय बोरी की तौल करने के निर्देश दिए। साथ ही मॉइश्चयर मीटर नहीं मिलने एवं एफएक्यू मानकों का पालन नहीं करने पर सर्वेयर राकेश राजपूत तत्काल हटाने और समिति प्रबंधक दरवारी लाल अहिरवार की एक इंक्रीमेंट रोकने के निर्देश दिए।

इस दौरान एसडीएम बड़ामलहरा अखिल राठौर एवं तहसीलदार घुवारा आदित्य सोनकिया उपस्थित थे। कलेक्टर ने कहा कि गेहूं उठाव और परिवहन में लेटलटिफी न हो, और यदि ऐसा हुआ तो कार्यवाही की जाएगी। भगवां उपार्जन केंद्र पर गेहूं में छन्ना नहीं लगा मिलने पर समिति प्रबंधक को कलेक्टर ने फटकार लगाई और तौल की बोरियों की अलग-अलग कांटों से अपने सामने तुलवाया। इसके अलावा कलेक्टर ने उपज को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने किसानों से चर्चा कर उनके पंजीयन से फसल का मिलान भी किया।