भोपाल। मध्य प्रदेश अब देश में आधुनिक तकनीक, नवाचार और बड़े पैमाने के निवेश का सबसे मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेंगलुरु में आयोजित हाई-लेवल राउंड टेबल बैठक में वैश्विक टेक दिग्गजों को संबोधित करते हुए यह साफ कर दिया कि भारत के हृदय स्थल में स्थित मध्य प्रदेश को अपने केंद्रीय स्थान, सरप्लस बिजली और विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का ऐतिहासिक लाभ मिल रहा है। राज्य में तैयार किए गए उद्योग-अनुकूल वातावरण का ही असर है कि पिछले पौने तीन वर्षों में विभिन्न सेक्टर्स के तहत 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतर चुका है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को आमंत्रित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि सही समय पर सही अवसर को पहचानना ही उद्यमिता है, और मध्य प्रदेश में निवेश का इससे बेहतर अवसर कभी नहीं हो सकता।


इस विकास गाथा का नया केंद्र बना है ग्वालियर, जहां देश का पहला और अनूठा ‘टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन’ (TMZ) आकार ले रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विजन को गति देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने एक अभूतपूर्व मॉडल तैयार किया है। 170 एकड़ में फैले इस समर्पित जोन में सिम कार्ड से लेकर सैटेलाइट कम्युनिकेशन, 5G-6G उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर और सेमीकंडक्टर चिपसेट तक की पूरी वैल्यू चेन एक ही छत के नीचे विकसित होगी। डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग से लेकर टेस्टिंग और एक्सपोर्ट तक, टेलीकॉम के सभी 7 प्रमुख सेक्टर्स को एक संपूर्ण इकोसिस्टम के रूप में यहां जोड़ा गया है।


निवेशकों के वित्तीय जोखिम को न्यूनतम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर दुनिया का सबसे आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज पेश किया है। 12,000 करोड़ रुपये के कुल पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) पर करीब 8,000 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ दिया जा रहा है। 51:49 की इक्विटी भागीदारी वाले इस जॉइंट वेंचर के तहत निवेशकों को मात्र 1 रुपये के टोकन प्रीमियम पर विकसित भूमि, 30 वर्षों के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर लीज रेंट, 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट, प्लांट और मशीनरी पर 50% कैपिटल सब्सिडी और 5 वर्षों तक बिजली पर 2 रुपये प्रति यूनिट की छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। यही नहीं, निवेशकों की किसी भी समस्या का निपटारा मात्र 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम लागू किया गया है।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व पर उद्योग जगत के अटूट विश्वास का प्रमाण यह है कि दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु रोड-शो के जरिए अब तक 24 बड़ी कंपनियों ने 5,500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों पर काम शुरू कर दिया है, जिससे अकेले ग्वालियर में 18,000 से अधिक हाई-टेक रोजगार सृजित होंगे। 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर चल रहे इस प्रथम चरण के बाद यह ऐतिहासिक रियायतें सीमित हो जाएंगी। 6-लेन हाई-स्पीड आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेस-वे, आधुनिक एयरपोर्ट और दिल्ली के काउंटर-मैग्नेट शहर के रूप में उभरा ग्वालियर अब देश को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने और मध्य प्रदेश को ग्लोबल टेक मैप पर स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।