छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। छिंदवाड़ा में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की जिला इकाई ने यूसीसी के विरोध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जमीयत ने प्रस्तावित यूसीसी के प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के विपरीत बताया।


ज्ञापन में कहा गया कि मुस्लिम समाज अपने वैवाहिक और पारिवारिक मामलों में शरीयत का पालन करता है और शरीयत उसके मजहब का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जमीयत ने कहा कि व्यक्तिगत कानून में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप मुस्लिम समाज को स्वीकार नहीं है।


जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने प्रदेश सरकार से मांग की कि जिस तरह आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और रीति-रिवाजों को देखते हुए उन्हें यूसीसी के दायरे से अलग रखने का प्रावधान किया गया है, उसी प्रकार मुस्लिम समाज को भी उसके पर्सनल लॉ के आधार पर यूसीसी से बाहर रखा जाए।


गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने 19 जुलाई को समान नागरिक संहिता के ड्राफ्ट को कैबिनेट से मंजूरी दी है। प्रस्तावित प्रावधानों में बहुविवाह और हलाला पर रोक तथा लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन को अनिवार्य किए जाने की बात सामने आई है।


यूसीसी के इन प्रावधानों को लेकर भोपाल, बड़वानी सहित प्रदेश के कई जिलों में विरोध और आपत्तियां सामने आ चुकी हैं। अब छिंदवाड़ा में भी जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने ज्ञापन सौंपकर सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराया है।