भोपाल (पंकज यादव)। बुंदेलखंड की खूबसूरत वादियों और प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करने की चाह रखने वाले सैलानियों के लिए एक बेहद शानदार खबर है। मानसून की झमाझम दस्तक के साथ ही जिले के तमाम झरने, जलप्रपात और प्राकृतिक पर्यटन स्थल अब अपने पूरे शबाब पर आ चुके हैं। लगातार हो रही बारिश से विंध्याचल की ऊंची पहाड़ियां खूबसूरत हरियाली की चादर ओढ़ चुकी हैं और पहाड़ों से गिरती दूधिया जलधाराएं पर्यटकों को आमंत्रित कर रही हैं। यदि आप भी इस मानसूनी मौसम में प्रकृति के करीब जाना चाहते हैं, तो पन्ना टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के दीदार के साथ-साथ यहाँ के प्रसिद्ध झरनों का आनंद लेने के लिए अब आसानी से अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।


सैलानियों की पहली पसंद बना 350 फीट ऊंचा 'बृहस्पति कुंड'

पन्ना-पहाड़ीखेड़ा मार्ग पर स्थित सुप्रसिद्ध 'बृहस्पति कुंड' इस समय पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा और मुख्य आकर्षण का केंद्र बन चुका है, जहां अब बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे हैं। करीब 350 फीट की ऊंचाई से गिरती विशाल जलधारा का मनमोहक दृश्य यहाँ आने वाले हर सैलानी को मंत्रमुग्ध कर रहा है। अपनी इसी अद्भुत और बेमिसाल खूबसूरती के कारण इसे 'भारत का नियाग्रा फॉल्स' भी कहा जाता है। प्राकृतिक सुंदरता को निहारने के साथ-साथ इस स्थल का बड़ा पौराणिक महत्व भी है; मान्यता है कि देवगुरु बृहस्पति ने इसी पावन धरा पर तपस्या की थी।


'पांडव फॉल' में लौटी रौनक, प्राचीन गुफाओं का इतिहास भी खींच रहा ध्यान

पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर स्थित ऐतिहासिक 'पांडव फॉल' में भी मानसून के बाद जबरदस्त रौनक लौट आई है, जिससे यह स्थल अब पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। करीब 100 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता यह जलप्रपात और उसके ठीक नीचे बना गहरा प्राकृतिक कुंड सैलानियों को रोमांच से भर रहा है। इस झरने के पास ही स्थित प्राचीन गुफाएं भी पर्यटकों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई हैं, जिनके बारे में मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने अपने अज्ञातवास का कुछ समय यहीं बिताया था।


कौआ सेहा घाटी, किलकिला कुंड और चांदा फाल में उमड़ रहे पर्यटक

बारिश का दौर शुरू होते ही कौआ सेहा घाटी के मौसमी झरने भी पूरी तरह खिल उठे हैं। पहाड़ियों से गिरते पानी और चारों ओर छाई सफेद धुंध का अद्भुत संगम प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों को अपनी ओर खींच रहा है। इसके अलावा, 'किलकिला कुंड' भी इन दिनों पूरे वेग के साथ बह रहा है, जहां धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा मेल देखने को मिलता है। वहीं, 'चांदा फाल' में काली चट्टानों के बीच से रास्ता बनाती शीतल जलधारा और चारों तरफ फैली हरियाली लोगों को सुकून का अहसास करा रही है, जहां युवा और परिवार पिकनिक मनाने के लिए पहुंच रहे हैं।


आनंद लें, लेकिन सुरक्षा मानकों का रखें ध्यान

पन्ना के इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली हैं। चूंकि लगातार बारिश के कारण झरनों और गहरे कुंडों में जलस्तर काफी बढ़ गया है, इसलिए प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे पर्यटन का भरपूर आनंद लें, लेकिन सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन भी करें। सैलानियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे विभाग द्वारा घोषित प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश न करें और झरने के किनारों पर सेल्फी लेने या अत्यधिक रोमांच के चक्कर में कोई जोखिम न उठाएं, ताकि उनकी यह मानसूनी यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित और यादगार बनी रहे।