गुनौर,जीतेन्द्र रजक। ग्राम मुड़वारी में संचालित शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। गांव के सरपंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब दुकान खुलने के बाद से सामाजिक वातावरण लगातार बिगड़ता जा रहा है।


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब दुकान के कारण गांव में आए दिन विवाद, झगड़े और असामाजिक गतिविधियों की घटनाएं बढ़ गई हैं। नशे में धुत लोगों द्वारा महिलाओं और बुजुर्गों से अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। बच्चों और युवाओं पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जिससे अभिभावक खासे चिंतित हैं।


ग्राम सरपंच ने बताया कि शराब दुकान गांव के समीप होने के कारण युवाओं में नशे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिससे परिवारों की शांति भंग हो रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार प्रशासन से मौखिक शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते ग्रामीणों को संगठित होकर ज्ञापन सौंपने का कदम उठाना पड़ा।


ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शराब दुकान को गांव से नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।तहसीलदार ने ग्रामीणों से ज्ञापन प्राप्त कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी शीघ्रता से निर्णय लेता है और मुड़वारी गांव के लोगों को इस समस्या से कब तक राहत मिल पाती है। फिलहाल ग्रामीणों में उम्मीद के साथ-साथ आक्रोश भी बना हुआ है, जो आगे किसी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।