छतरपुर। छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 4 हनुमानटीक मोहल्ले में पारिवारिक बंटवारे के बाद मकान निर्माण कराने की बात को लेकर उपजा विवाद अचानक खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। घटना शनिवार 6 जून 2026 की बताई जा रही है, जिसमें सगे चाचा-चाची और चचेरे भाई पर अपने ही भतीजे और उसकी मां के ऊपर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। इस हिंसक झड़प में पीड़ित युवक को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय छतरपुर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद महाराजपुर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, हनुमानटीक मोहल्ला निवासी पीड़ित पंकज चौरसिया अपने पैतृक पारिवारिक बंटवारे में मिले हिस्से की भूमि पर पक्की दीवार का निर्माण कार्य करवा रहे थे। निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल ही रहा था कि तभी अचानक उनकी सगी चाची मीरा चौरसिया मौके पर पहुंच गईं और निर्माण कार्य का कड़ा विरोध करते हुए उसे अवैध बताने लगीं। पीड़ित का आरोप है कि चाची ने वहां काम कर रहे राजमिस्त्री और मजदूरों को डरा-धमकाकर काम बंद करने के लिए कहा। इतना ही नहीं, उन्होंने खुद को पत्थर या किसी अन्य चीज से चोट पहुंचाने की धमकी देते हुए मकान मालिक पंकज और मजदूरों को झूठे मामले में फंसाने की बात कही, जिसके डर से सहमे मजदूरों ने तुरंत काम रोक दिया।


इसके बाद जब विवाद और ज्यादा बढ़ा, तो पंकज और उनकी चाची के बीच तीखी कहासुनी होने लगी। इसी दौरान विवाद की आवाज सुनकर चाचा महेंद्र चौरसिया, चचेरा भाई उमेश चौरसिया और छोटू भी लाठी-डंडे लेकर वहां आ धमके। आरोप है कि इन सभी ने मिलकर पंकज के ऊपर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जब बेटे को पिटता देख पंकज की मां उषा चौरसिया बीच-बचाव करने के लिए दौड़ीं, तो आरोपियों ने उनके साथ भी बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस अचानक हुए हमले में पंकज चौरसिया के सिर, पीठ, कमर, दोनों हाथों तथा दाहिने कान में गंभीर अंदरूनी और बाहरी चोटें आई हैं। इस पूरी घटना के कुछ लाइव वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आने की बात कही जा रही है।


पीड़ित पंकज चौरसिया ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि मकान निर्माण के दौरान उन्हें पहले से ही चाचा और उनके परिवार द्वारा विवाद किए जाने की पूरी आशंका थी, जिसकी लिखित सूचना उन्होंने समय रहते महाराजपुर थाने को दी थी। लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा समय पर कोई ठोस निवारक कार्रवाई न किए जाने के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने इस वारदात को अंजाम दे दिया। घटना के बाद पीड़ितों ने छतरपुर एसपी कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस महकमा हरकत में आया। एसपी के निर्देश पर महाराजपुर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी महेंद्र चौरसिया, मीरा चौरसिया, उमेश चौरसिया एवं छोटू के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत नामजद मुकदमा कायम कर लिया है और घायलों का मेडिकल परीक्षण कराकर मामले की विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है।