जबलपुर, अनुराग शुक्ला। जिले के सिहोरा में खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट को सील कर दिया। यह कार्रवाई कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर की गई। कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने प्लांट में रखे करीब ढाई हजार पानी के पाउच नष्ट कराए तथा पानी के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।


जानकारी के अनुसार सिहोरा स्थित सिविल कोर्ट के पीछे संचालित मयंक बिवरेजेस नामक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर प्लांट में बिना खाद्य अनुज्ञप्ति के “REXTOM” ब्रांड नाम से पानी का निर्माण और पैकिंग की जा रही थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने आकस्मिक निरीक्षण किया। जांच के दौरान प्लांट में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद पाउच पैकिंग मशीन को तत्काल सील कर दिया गया।


कार्रवाई के दौरान टीम ने प्लांट परिसर में बड़ी मात्रा में रखे पानी के पाउच को भी जब्त किया। करीब 2500 पाउच नगर पालिका सिहोरा की मदद से मौके पर ही विनिष्ट कराए गए। इसके साथ ही पानी के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए हैं, ताकि गुणवत्ता की जांच की जा सके।


खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि करीब दो माह पहले भी इसी प्लांट का निरीक्षण किया गया था। उस समय यहां अस्वच्छ परिस्थितियों में पानी का निर्माण पाया गया था, जिसके बाद प्लांट का संचालन रोकने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संचालक द्वारा दोबारा अवैध रूप से कारोबार शुरू कर दिया गया। विभाग को इसकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद शनिवार को पुनः छापामार कार्रवाई की गई।


अधिकारियों के अनुसार बिना लाइसेंस पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर का निर्माण एवं विक्रय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 का उल्लंघन है। मामले में प्लांट संचालक मयंक त्रिपाठी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।


खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य पदार्थों एवं पेयजल की गुणवत्ता को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। बिना लाइसेंस एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री तैयार करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।