नीस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रविवार को फ्रांस के शहर नीस में प्रतिनिधिमंडल के स्तर की द्विपक्षीय बातचीत की। इस दौरान भारत की तरफ से विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद हैं।बैठक में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों भारत-फ्रांस के बीच द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा कर सकते हैं, जिसे इस साल की शुरुआत में विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया गया था।
द्विपक्षीय वार्ता से पहले दोनों देशों के प्रमुख रविवार को नीस में विला केर्लियोस गए थे। विला केर्लियोस में घूमते हुए दोनों नेता हल्की-फुल्की बातचीत करते नजर आए।
इससे पहले पीएम मोदी ने भारत इनोवेट्स 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति के इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहे। भारत इनोवेट्स इवेंट के दौरान पीएम मोदी ने सभी निवेशकों और दुनिया भर के इनोवेटर्स को वैश्विक चुनौतियों के लिए तकनीकी समाधान बनाने में भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में सुधार की रफ्तार बिना रुके जारी रहेगी और देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम और आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
उन्होंने भारत के दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के तौर पर उभरने पर जोर दिया। वहीं, फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने वहां मौजूद इनोवेटर्स और उद्योगपतियों को संबोधित किया। फिर एक मौका ऐसा भी आया कि पीएम मोदी की ओर मुखातिब हुए और कहा, "मैं आपका यहां आने के लिए ही आभार नहीं जताता, बल्कि इस मौके पर मैं आपको एक खास उपलब्धि के लिए बधाई भी देता हूं। कुछ दिन पहले ही आप स्वतंत्रता के बाद से भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।"
उन्होंने इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए आगे कहा, "यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो न केवल आपके व्यक्तिगत नेतृत्व और निरंतरता को दर्शाती है, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और स्थिरता का भी प्रतीक है।"
मैक्रों जब ये कह रहे थे तो उनका चेहरा खिला था, और जैसे ही उन्होंने अपनी बात खत्म की, वहां मौजूद लोगों ने तालियों से उनकी बातों का समर्थन किया। इसके अलावा, मैक्रों ने भारत-फ्रांस संबंधों को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने माना कि भारत इनोवेशन का देश है। फ्रांस रक्षा, तकनीक और कई अन्य क्षेत्रों में 'मेक इन इंडिया' का भागीदार रहा है। एआई और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत और फ्रांस के बीच सच्ची रणनीतिक साझेदारी है।

