मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। नशे के अवैध कारोबार में लिप्त माफियाओं के लिए बुरी खबर! मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने एक बार फिर ड्रग तस्करों की कमर तोड़ने वाला बड़ा एक्शन लिया है। SAFEMA एक्ट के तहत पिपलिया थाना क्षेत्र के आरोपी रमेश पोरवाल की 1 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। नशा तस्करों की अवैध कमाई और उनके आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की मुहिम तेज कर दी गई है।
जांच में खुलासा, संपत्ति पर शिकंजा
जांच में पता चला कि आरोपी रमेश पोरवाल ने नशे के अवैध कारोबार से भारी संपत्ति जुटाई थी। पुलिस ने SAFEMA एक्ट के तहत इस संपत्ति को तुरंत फ्रीज कर दिया। यह कार्रवाई नशा माफियाओं की आर्थिक जड़ों को कमजोर करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने बताया कि मंदसौर जिले में अब तक SAFEMA एक्ट के तहत करीब 385 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। इनमें सिर्फ वर्ष 2026 में ही लगभग 35 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई हो चुकी है। कई अन्य मामलों में कोर्ट में फ्रीजिंग के आदेश की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही उनमें भी कार्रवाई पूरी होने वाली है।
"सिर्फ जेल भेजना काफी नहीं"
एसपी विनोद कुमार मीना ने साफ कहा, “केवल आरोपियों को जेल भेज देने से काम नहीं चलेगा। उनके अवैध आर्थिक साम्राज्य को पूरी तरह खत्म करना जरूरी है, ताकि नशे का कारोबार जड़ से उखड़ जाए।”
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2029 तक भारत को नशा मुक्त बनाने की दिशा में पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।
जनता से अपील
मंदसौर पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशा तस्करी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन और जनता के संयुक्त प्रयास से ही समाज को नशामुक्त बनाया जा सकता है।




