बिधाननगर पुलिस ने सिम बॉक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया, एक आरोपी को गिरफ्तार किया

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बिधाननगर में पुलिस ने सिम बॉक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके पास से 9 मशीनें, 2500 से अधिक एक्टिव सिम कार्ड और कई मोबाइल समेत अन्य उपकरण मिले हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट ने खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। टीम ने कोलकाता के पास राजारहाट इलाके के हटियारा में एक इमारत पर छापा मारा और इस रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह बाहर से आम लोगों का फ्लैट लग रहा था, लेकिन अंदर गैर-कानूनी तरीके से एडवांस्ड टेलीकॉम ऑपरेशन चलाए जा रहे थे।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, उस फ्लैट से गैर-कानूनी तरीके से भारत में इंटरनेशनल कॉल कनेक्ट किए जा रहे थे। एडवांस्ड सिम बॉक्स डिवाइस के जरिए, विदेश से आने वाली वीओआईपी कॉल्स को लोकल या डोमेस्टिक कॉल्स में बदलकर सीधे इंडियन नेटवर्क पर भेजा जाता था। इस वजह से गैर-कानूनी इंटरनेशनल गेटवे एक्सचेंज और टेलीकॉम रेगुलेटरी सिस्टम को पूरी तरह से बायपास किया जा रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इससे सरकार को रेवेन्यू का भारी नुकसान हो रहा था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने गैंग के एक सदस्य, आरोपी अबीर शेख उर्फ मोनिरुल इस्लाम साजिब को फ्लैट के अंदर रंगे हाथों पकड़ लिया। जांचकर्ताओं ने दावा किया कि आरोपी कई सिम बॉक्स डिवाइस को एक्टिव हालत में चला रहा था। शुरुआती पूछताछ में, उसने रैकेट में शामिल होने की बात कबूल कर ली।
पुलिस का शुरुआती अंदाजा है कि यह गैंग किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का सोर्स, सिम कार्ड इकट्ठा करने का तरीका और इसमें कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच की जा रही है।
बिधाननगर पुलिस इस गैंग के बारे में जानकारी जुटाने के लिए आरोपी को कस्टडी में लेकर पूछताछ कर रही है। बिधाननगर कमिश्नरेट के इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा कि इस तरह के गैर-कानूनी सिम बॉक्स ऑपरेशन से न सिर्फ टेलीकॉम रेवेन्यू को नुकसान हो सकता है, बल्कि नेशनल सिक्योरिटी के लिए भी बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। इसमें और कौन-कौन शामिल है, यह पता लगाने के लिए गहरी जांच चल रही है।
