कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार गौमाता की रक्षा करेगी और साधुओं का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी और उन्हें जेल भेजेगी।
कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में बांगुर जागरण मंच द्वारा आयोजित भगवद गीता पाठ कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में किसी भी संत या ऋषि का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया जब दुर्गा पूजा के दौरान बंगालियों की खान-पान की आदतों को लेकर संतों के धार्मिक बयानों को लेकर राज्य में राजनीतिक विवाद उभर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी धर्म का पालन करने या उसका प्रचार करने में डरने की कोई बात नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि भगवद् गीता का पाठ करें और उसे बांटें, हनुमान चालीसा को निःसंकोच वितरित करें। हरे कृष्ण मंत्रों का जाप करें, शंख बजाएं, डरने की कोई बात नहीं है। हवा का रुख बदल गया है।
इसी दौरान मुख्यमंत्री अधिकारी ने धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संबंध में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीका, शिखा, धोती, और तुलसी की सरकार आ गई है। गौमाता की रक्षा के लिए भाजपा की सरकार आ गई है। सरकार साधुओं का अपमान करने वालों को जेल भेजेगी। संतों और गुरुओं का अपमान यहां बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने सभा में उपस्थित लोगों से विभाजनकारी शक्तियों के प्रति सतर्क रहने का भी आग्रह किया।
मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि हमें ‘कश्मीर मांगे आजादी’ के नारे लगाने वाले ‘टुकड़े-टुकड़े’ गिरोह के खिलाफ एकजुट और सतर्क रहना होगा।
इस कार्यक्रम में 11,000 लोगों ने एक साथ भगवद गीता का पाठ किया।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “मैं यहां पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक सनातनी के रूप में, माता भारती के बच्चे के रूप में आया हूं और आप सबके बीच बैठा हूं। पश्चिम बंगाल में आपने हाल ही में जो जागृति लाई है, उसके लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभार व्यक्त करने आया हूं।”
उन्होंने बताया कि 29 दिसंबर को कोलकाता में दस लाख स्वरों द्वारा गीता पाठ का एक ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।














