छतरपुर। छतरपुर जिले के राजनगर जनपद शिक्षा केंद्र में BAC के पद पर पदस्थ शिक्षक राकेश द्विवेदी सोमवार सुबह से लापता हैं। घर से निकलने से पहले वे अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गए और एक पत्र छोड़ गए हैं, जिसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिक्षक के लापता होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। परिजनों ने सिटी कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस पत्र की जांच और शिक्षक की तलाश में जुटी है।
पत्र में चार लोगों के नाम, पुलिस को सौंपा गया परिजनों के मुताबिक राकेश द्विवेदी द्वारा छोड़े गए पत्र में DPC अरुण शंकर पांडेय, BRC अतुल चतुर्वेदी, अकाउंटेंट राजेश सिंह और सीएम राइज स्कूल के शिक्षक सुमन सिंह का नाम लिखकर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने यह पत्र पुलिस को सौंप दिया है। बड़े भाई संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि राकेश पिछले कुछ समय से विभागीय कार्रवाई और वेतन न मिलने से परेशान थे। 6 माह से वेतन नहीं, जेब से किताबें बंटवाने का आरोप - परिजन परिजन संतोष द्विवेदी ने आरोप लगाया कि राकेश को पिछले 6 माह से वेतन नहीं मिला है। वहीं उन पर जबरन पुस्तक वितरण का दबाव बनाया जा रहा था और अपने खर्च से किताबें बंटवाने को कहा जा रहा था। BRC ने आरोपों को नकारा, बोले- निष्पक्ष जांच हो मामले में BRC अतुल चतुर्वेदी ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है। BRC के अनुसार राकेश द्विवेदी की कार्यशैली को लेकर पहले भी नोटिस जारी हुए थे। कमियां पाए जाने पर तत्कालीन कलेक्टर ने उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी थी, जिसके बाद वे हाईकोर्ट से स्टे लेकर राजनगर में पदस्थ थे। 5 दिन से वे कार्यालय नहीं आ रहे थे, 2 दिन पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। बिल भुगतान नियम विरुद्ध होने से अकाउंटेंट राजेश सिंह ने पास नहीं किए थे, इसलिए उनका नाम पत्र में आया है। पुस्तक वितरण के लिए शासन से राशि और परिवहन का ठेका दिया जाता है, जेब से पैसा लगाने का कोई नियम नहीं है। इस कार्य में लापरवाही पर नोटिस दिया गया था। वेतन का मामला पूरे प्रदेश का है, मिशन के कर्मचारियों का 3 माह से वेतन रुका था, जो अब 2 माह का डाला गया है। CM राइज शिक्षक सुमन सिंह का नाम पत्र में क्यों है, इसकी भी जांच होनी चाहिए, उनकी कोई भूमिका नहीं है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर शिक्षक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पत्र में लगाए गए आरोपों की जांच विभागीय रिकॉर्ड और बयानों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल शिक्षक के मिलने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।




