मथुरा। योग गुरु बाबा रामदेव ने बुधवार को कहा कि भारत के सभी मुसलमान धर्म-परिवर्तित हैं। उन्हें ताकत और एकता पाने के लिए भगवान राम और भगवान कृष्ण को अपने पूर्वज के रूप में स्वीकार करना चाहिए।योग गुरु ने यह बात तब कही, जब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत में कोई भी राजनीतिक पार्टी नहीं चाहती कि मुसलमानों की अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान हो, और आरोप लगाया कि समुदाय को सिर्फ वोट बैंक बना दिया गया है।

आईएएनएस से ​​बात करते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि मैं अपने सभी मुस्लिम भाइयों से अपील करता हूं कि वे समझें कि हमारे प्राचीन ऋषि-मुनि उनके भी पूर्वज हैं, भगवान राम और भगवान कृष्ण भी उनके पूर्वज हैं। अगर मुसलमान अपनी जड़ों से जुड़ेंगे, तो कभी खुद को कमजोर महसूस नहीं करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत में हर मुसलमान धर्म बदलकर मुसलमान बना है। अगर हिंदू और मुसलमान एकता के साथ रहेंगे, तो वे खुद भी मजबूत होंगे और देश भी मजबूत होगा।

इस साल की शुरुआत में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने भी ऐसा ही बयान दिया था।

सिद्दीकी ने कहा था कि जो मुसलमान राम और कृष्ण में विश्वास नहीं करते, उन्हें मुसलमान नहीं कहा जा सकता, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इन सम्मानित हस्तियों का इस्लामी आध्यात्मिक परंपरा में भी स्थान हो सकता है। एक इंटरव्यू में भाजपा नेता ने कहा कि सभी मुसलमान भगवान राम के वंशज हैं।

इस बीच, बाबा रामदेव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की ओर से भगवान शिव और भगवान राम को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सदियों से अस्तित्व में है और आगे भी रहेगा। कुछ लोगों ने पहले जाति, वर्ग और समुदाय के आधार पर सनातन धर्म में फूट डालने की कोशिश की थी। अब वे दावा करते हैं कि भगवान राम अमीरों के देवता हैं और भगवान शिव गरीबों के देवता हैं। भगवान राम, श्री कृष्ण, हनुमान, भगवान शिव, उमा-महेश्वर, लक्ष्मी-नारायण, सीता-राम, राधा-कृष्ण या रुक्मिणी-कृष्ण के बीच कोई अंतर नहीं है। जो लोग ऐसी बांटने वाली सोच रखते हैं, वे सनातन के विरोधी हैं।